डीएफओ को न्यायधीश का नोटिस : नाबालिग को कैसे बनाया फायर वाचर और वनाग्नि में जान गंवाने के बाद बालिग !

अल्मोड़ा में वन विभाग ने मात्र 17 साल के किशोर करन आर्या को फायर वॉचर बना दिया,बिनसर अभयारण्य में वनाग्नि की चपेट में आने से जान गंवाने के बाद करन की उम्र रिकॉर्ड में 21 साल अंकित कर दी गई, जबकि आधार कार्ड के अनुसार करन की उम्र 17 साल भी पूरी नहीं हैं।

सामाजिक कार्यकर्ता,ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट और आरटीआई कार्यकर्ता भूपेन्द्र कुमार लक्ष्मी ने दिनांक 08/8/2024 को मानवाधिकार आयोग उत्तराखंड में जनहित याचिका दायर कर निवेदन किया कि,अल्मोड़ा में वन विभाग ने मात्र 17 साल के किशोर करन आर्या को फायर वॉचर बना दिया। 

खास बात यह है कि बिनसर अभयारण्य में वनाग्नि की चपेट में आने से जान गंवाने के बाद करन की उम्र रिकॉर्ड में 21 साल अंकित कर दी गई। जबकि आधार कार्ड के अनुसार करन की उम्र 17 साल भी पूरी नहीं हुई है। परिजनों ने शुक्रवार को इसके सबूत के तौर पर करन का आधार कार्ड भी दिखा दिया।

बिनसर मामले में वन विभाग की एक के बाद एक लापरवाही सामने आ रही है। गैराड़ के जंगल में आग बुझाने के दौरान जिन चार कर्मचारियों की मौत हुई थी उनमें एक नाबालिग निकला है। 

करन आर्या निवासी भेटूली – आयारपानी की घटना के बाद उम्र 21 साल बताई गई। लेकिन शुक्रवार को उनके परिवार ने जो आधार कार्ड दिखाया, उसमें उनकी जन्मतिथि 20 सितंबर 2007 दर्ज है। इस आधार पर करन को अभी 17 वर्ष भी पूरे नहीं हुए हैं। 

स्थानीय लोगों ने इसे विभाग की लापरवाही बताया है। करन के चचेरे भाई हिमांशु ने बताया कि करन फायर वॉचर के रूप में वन विभाग में काम कर रहा था।

करन आर्या की उम्र विभागीय रिकार्ड में 21 साल दर्ज की गई, आधार कार्ड के मुताबिक करन को अभी 17 साल भी पूरे नहीं हुए थे।

विपिन कुमार,उपश्रमायुक्त श्रम निदेशालय ने भी कहा है कि सत्रह साल के किशोर से निजी या सरकारी किसी भी संस्थान में काम लिया जाना गैरकानूनी है। अल्मोड़ा में यदि 17 साल के किशोर से फायर वॉचर का काम लिया जा रहा था तो ये जांच का विषय है। मामला सही पाया गया तो सबंधित विभाग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

आयोग से निवेदन किया गया कि ‘शिकायत का विषय बहुत ही गंभीर है और एक किशोर की मौत से जुड़ा हुआ है इसलिए जनहित, राज्यहित में रिपोर्ट तलब कर तत्काल कार्यवाही करने की कृपा करें।’

मानवाधिकार आयोग उत्तराखंड के सदस्य,न्यायाधीश गिरधर सिंह धर्मशक्तू द्वारा जनहित याचिका पर संज्ञान लेते हुए दिनांकः 16 अगस्त 2024 को डीएफओ अल्मोड़ा को नोटिस जारी कर आदेश जारी किए गए।

आदेश:

शिकायतकर्ता भूपेन्द्र कुमार लक्ष्मी द्वारा 17 साल के किशोर को फायर वॉचर का कार्य कराये जाने के सम्बन्ध में शिकायती पत्र प्रस्तुत किया गया है।

शिकायती पत्र की प्रति प्रभागीय वनाधिकारी, अल्मोड़ा को प्रेषित की जाये। वह नियत तिथि तक प्रकरण के सम्बन्ध में आख्या प्रस्तुत करेंगे।

विदित हो कि आयोग के उपरोक्त आदेश की अपेक्षानुरूप कार्यवाही न किए जाने की स्थिति में आयोग द्वारा विचारोपरान्त यथोचित आदेश पारित कर दिए जायेंगे।

📢 खबरों को सबसे पहले पाने के लिए पर्वतजन को फॉलो करें

👉 WhatsApp Channel Join करें 👉 WhatsApp Group Join करें 📲 App Download करें

Related Posts