बड़ी खबर: भूमि विवाद में डीएम के हस्तक्षेप से वर्षों से लंबित सीमांकन पूरा। फरियादी को मिली राहत

देहरादून, 10 अप्रैल 2026
रिपोर्ट -नीरज उत्तराखंडी
जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में आयोजित जनदर्शन/जनता दरबार में एक पुराने भूमि विवाद प्रकरण का समाधान होने से फरियादी को बड़ी राहत मिली है।

वर्षों से लंबित चल रहे भूमि सीमांकन मामले में जिलाधिकारी के सख्त हस्तक्षेप के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सीमांकन की प्रक्रिया पूर्ण कर दी।

जनदर्शन में फरियादी उम्मेद सिंह ने अपने पुत्र उत्पल सिंह की निजी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत करते हुए सीमांकन कराने की मांग रखी थी। इस पर जिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

हालांकि, 6 अप्रैल को पुनः जनदर्शन में उपस्थित होकर फरियादी ने शिकायत की कि सीमांकन कार्य में प्रगति नहीं हो रही है और उन्हें अपेक्षित सहयोग भी नहीं मिल रहा है, जिससे उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तहसील प्रशासन डोईवाला को तलब कर 7 अप्रैल तक विस्तृत आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

प्रशासन की ओर से प्रस्तुत रिपोर्ट में बताया गया कि उत्पल सिंह द्वारा 22 अप्रैल 2025 को धारा 41 एल.आर. एक्ट के अंतर्गत आवेदन किया गया था, जिसके क्रम में तहसीलदार डोईवाला ने 26 जुलाई 2025 को जांच आख्या प्रस्तुत की थी।

इसके बाद 25 सितंबर 2025 को दोनों पक्षों को सूचित किया गया था कि फसल कटाई के बाद नियमानुसार सीमांकन की कार्रवाई की जाएगी।

उप जिलाधिकारी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, राजस्व विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए 11 मार्च 2026 को मौजा बक्सरवाला स्थित खसरा संख्या 132क, 138ख और 139 का सीमांकन कार्य पूरा कर लिया है। अभिलेखों के अनुसार खसरा संख्या 139 की 0.4120 हेक्टेयर भूमि 4 मार्च 1993 को क्रय की गई थी।

प्रकरण में जिला शासकीय अधिवक्ता (दीवानी), देहरादून की विधिक राय भी प्राप्त की गई, जिसमें सक्षम प्राधिकारी द्वारा चिन्हांकन सुनिश्चित करने तथा आवश्यकतानुसार पुलिस प्रशासन के माध्यम से विधिक कार्रवाई करने का सुझाव दिया गया है।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनदर्शन में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध और पारदर्शी निस्तारण प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आमजन से जुड़े मामलों में अनावश्यक विलंब न किया जाए और प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए।

एक ही मंच पर समाधान की पहल

जनदर्शन कार्यक्रम के माध्यम से आमजन को न्याय, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बिल संबंधी समस्याओं और ऋणमाफी जैसे विभिन्न मुद्दों का समाधान एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे लोगों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं।

इस कार्रवाई से न केवल फरियादी को राहत मिली है, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर आमजन का विश्वास भी मजबूत हुआ है।

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