डॉ0. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ को ‘लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड’। 

नई दिल्ली। सत्यावती कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय में आयोजित काशी इंडियन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल अवार्ड्स (Kashi Indian International Film Festival Awards- 2025) (KIFFFA-5) के भव्य समापन एवं पुरस्कार समारोह में भारत के पूर्व शिक्षा मंत्री एवं उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ0 रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ को शिक्षा, साहित्य, संस्कृति एवं लेखन के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट, सृजनात्मक […]

नई दिल्ली। सत्यावती कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय में आयोजित काशी इंडियन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल अवार्ड्स (Kashi Indian International Film Festival Awards- 2025) (KIFFFA-5) के भव्य समापन एवं पुरस्कार समारोह में भारत के पूर्व शिक्षा मंत्री एवं उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ0 रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ को शिक्षा, साहित्य, संस्कृति एवं लेखन के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट, सृजनात्मक और दीर्घकालिक योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड’ से सम्मानित किया गया।

यह सम्मान भारतीय साहित्य, शिक्षा-चिंतन, सांस्कृतिक मूल्यों और भारतीय ज्ञान-परंपरा के अंतरराष्ट्रीय प्रसार में डॉ0 निशंक के बहुमुखी योगदान को समर्पित है। उनकी रचनाएँ, विचार-धारा और सृजनशील ऊर्जा ने देश-विदेश में हिंदी साहित्य और भारतीय सांस्कृतिक पहचान को नई प्रतिष्ठा और नई दिशा प्रदान की है, अब तक कीफा की ओर से पदमश्री सुरेंद्र शर्मा, डॉ0 वेद प्रताप वैदिक, डॉ0 दया प्रकाश सिन्हा, फिल्म अभिनेत्री पूनम ढिल्ले, पदमनी कोल्हापुरी, जरीना वहाब, रधुवीर यादव को सम्मानित किया गया है।

समारोह में देश-विदेश से पधारे विविध कला-विधाओं के प्रतिनिधियों, फिल्मकारों, साहित्यकारों, शिक्षाविदों एवं गणमान्य अतिथियों ने डॉ. निशंक के योगदान को भारतीय सांस्कृतिक चेतना की सृदृढत और समृद्धि के लिए अत्यंत महतत्वपूर्ण बताया। फेस्टिवल डायरेक्टर सुश्री प्रेरणा अग्रवाल एवं सत्यवती कॉलेज के प्राचार्य प्रो0 सुभाष कुमार सिंह ने कहा कि डॉ0 निशंक का साहित्य और सांस्कृतिक दृष्टिकोण नई पीढ़ी के लिए प्रेरक मार्गदर्शिका के समान है।

KIFFFA-5 द्वारा दिया गया वह सम्मान भारतीय कला-संस्कृतिक और साहित्यिक चेतना की उस निंरतर यात्रा का उत्सव है, जिसमें डॉ0 निशंक ने तीन दशकों से अधिक समय तक अपनी विशिष्ट भूमिका निभाई है।

विदित हो कि इससे पूर्व भी डॉ0 निशंक अनेको राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय सम्मान पा चुके हैं, उन्हें साहित्य, संस्कृतिक, पर्यावरण, शिक्षा एवं पर्यावरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिये सम्मानित किया जा चुका हैं, जिनमें मुख्यतः उत्कृष्ट लेखन, अपने सामाजिक और राजनीतिक दायित्वों का निर्वाह करते हुए वैश्विक स्तर पर मानवीय मूल्यों की स्थापना के लिए ‘अंतरराष्ट्रीय अजेय स्वर्ण पदक’। लन्दन में ‘वातायन अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मान’, जर्मनी, कनाडा एवं अमेरिका की अन्तर्राष्ट्रीय संस्था सृजनी दिक्रियेटिव वूमेंस द्वारा ‘अन्तर्राष्ट्रीय ग्लोवल जीनियस गेलेक्सी (3जी)’ अवार्ड।

हिंदी राइटर्स गिल्ड द्वारा कनाडा ने ‘साहित्य गौरव सम्मान- 2021’, मॉरिशस देश के राष्ट्रपति सर अनिरूद्ध जगन्नाथ द्वारा ‘मॉरिशस सम्मान’, नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल द्वारा ‘हिमाल गौरव सम्मान’।

भूटान के प्रधानमंत्री श्री सोरिंग तोवगे द्वारा उत्कृष्ट साहित्य सृजन के लिये ’हैप्पीनेस अवार्ड’।

जपान में पर्यावरण एवं साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिये ‘चैम्बर्स ऑफ बिजनेस एंड कामर्स सम्मान’।

पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा ‘साहित्य भारती सम्मान’, साहित अनेको प्रतिष्ठत सम्मानों से नवाजा जा चुका है।

इस अवसर पर अनेको विद्वतजन, साहित्यकार, फिल्म जगत के अभिनेता, फिल्म निर्माता एवं निर्देशक तथा कला के क्षेत्र में अपना उत्कृष्ट योगदान देने वाले अनेक रंगकर्मी भी मौजूद थे।

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