एक्सक्लूसिव विश्लेषण : त्रिवेंद्र ने दागी और ढीले अफसरों से कैसे झटका दामन। सक्रिय अफसरों को कैसे किया आगे

तीन साल के इतिहास में पहली बार उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सरकार ने दागी और ढीले ढाले अफसरों से अपना दामन छुड़ाने का प्रयास किया है।

आज 16 आईएएस अफसरों और 5 पीसीएस के तबादलों में सरकार को अपनी खराब होती छवि को ठीक करने की चिंता की झलक दिखाई देती है।

अमनमणि त्रिपाठी को पास जारी कराने के लिए जिम्मेदार अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश से लोक निर्माण विभाग और ब्रिडकुल का दायित्व हटा लिया गया है और देहरादून के एडीएम रामजी शरण शर्मा का स्थानांतरण देहरादून से रुद्रप्रयाग कर दिया है।

इन दोनों अफसरों के लिए सरकार का यह कदम एक हलका झटका तो माना ही जा रहा है।

इसके अलावा कोरोना महामारी के दौरान सक्रिय भूमिका निभाने के कारण सचिव नितेश झा से स्वास्थ्य विभाग  हटा दिया गया है तथा टिहरी में बढ़ते कोरोना के मामलों को संभाल न पाने के कारण षणमुगम को हटाकर सचिवालय में ले आए हैं। हालांकि षणमुगम ईमानदार छवि के थे लेकिन कोरोना रोकथाम को लेकर उनकी भूमिका काफी सुस्त रही।

रुद्रप्रयाग में मंगेश घिल्डियाल इतने लोकप्रिय थे कि वहां पर जन अधिकार मंच ने उन्हें 6 महीने तक रुद्रप्रयाग में ही रोके जाने के लिए सरकार से मांग की है।

रुद्रप्रयाग में कोरोनावायरस रोकने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने वाले मंगेश घिल्डियाल को टिहरी का जिलाधिकारी बनाया गया है।

एनएचएम के एडिशनल मिशन डायरेक्टर अभिषेक त्रिपाठी को अटल आयुष्मान योजना में हो रही गड़बड़ियों के चलते सवाल उठने पर हटा दिया गया। गौरतलब है कि इनके कार्यकाल में जिन कई अस्पतालों ने फर्जी ढंग से अटल आयुष्मान योजना का क्लेम हासिल किया था। किंतु इन पर कोई कारगर कार्यवाही नहीं हो पाई।

पिथौरागढ़ की सीडीओ बंदना को भी रुद्रप्रयाग का जिलाधिकारी बनाया जाना इसी कड़ी का एक हिस्सा है।

गौरतलब है कि लापरवाह और सुस्त अधिकारियों के कारण लंबे समय से सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे थे।

आनंद वर्धन को बाह्य सहायतित परियोजनाओं का जिम्मा दिया गया है तो आरके सुधांशु को लोक निर्माण विभाग सहित ब्रिडकुल का भी अध्यक्ष बनाया गया है। आर मीनाक्षी सुंदरम को आजीविका परियोजनाओं का भी हेड बनाया गया है।

इन तीनों अफसरों से कोई विभाग वापस नहीं लिया गया बल्कि इनका कद बढ़ाया गया है।

हालांकि अमित नेगी से आपदा प्रबंधन हटाकर स्वास्थ्य सचिव बनाया गया है।अमित नेगी के पास आपदा प्रबंधन विभाग काफी लंबे समय से था।

कोरोना महामारी के दौरान सक्रिय भूमिका निभाने वाले अमित नेगी आर मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली और आनंद वर्धन, आरके सुधांशु और ब्रिजेश संत जैसे अफसरों को सरकार ने आगे करके काफी हद तक डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश की है। देखना यह है कि यह नया फेरबदल सरकार की कार्यशैली में क्या बदलाव लेकर आता है !

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