उत्तराखंड: रोडवेज कर्मचारियों का उत्पीड़न बर्दास्त नहीं करेगा उक्रांद

रोडवेज कर्मचारियों का उत्पीड़न बर्दास्त नहीं करेगा उक्रांद

 

– रोडवेज एंप्लाइज यूनियन के साथ उत्तराखंड क्रांति दल का सभी रोडवेज डिपो पर धरना प्रदर्शन

देहरादून। उत्तराखंड क्रांति दल महानगर इकाई द्वारा समय-समय पर कर्मचारियों के उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाई जाती रही है। इसी संबंध में आज रोडवेज एंप्लाइज यूनियन के साथ उत्तराखंड क्रांति दल का सभी रोडवेज डिपो पर धरना प्रदर्शन था। देहरादून मे हरिद्वार रोड स्थित रोडवेज वर्कशॉप पर भी उत्तराखंड क्रांति दल के दर्जनों कार्यकर्ताओं ने रोडवेज कर्मियों के साथ धरना प्रदर्शन किया। जहां सरकार तथा उत्तराखंड परिवहन निगम के खिलाफ नारेबाजी की।

कल उत्तराखंड क्रांति दल आईएसबीटी स्थित रोडवेज बस अड्डे पर धरना प्रदर्शन करेगा। इस तरह के कार्यक्रम तब तक जारी रहेंगे जब तक कर्मचारियों को न्याय नहीं मिल जाता। वहीं आज धरने के माध्यम से उत्तराखंड क्रांति दल ने एक स्पष्ट संदेश दिया कि, अब किसी भी तरह से कर्मचारियों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वर्ष 2012, 2014 एवं 2017 से संविदा चालक और परिचालक के रूप में जो कर्मचारी कार्य कर रहे हैं, उन्हें अचानक 28 मई 2020 को निगम प्रबंधन के द्वारा 10 जून 2020 तक अनुबंध पत्र के नवीनीकरण का तुगलकी आदेश जारी किया गया।

इस क्रम में लगभग 400 संविदा कर्मचारी जो है वह अनुबंध पत्र का नवीनीकरण नहीं करा पाए। आज परिवहन निगम द्वारा इन कर्मचारियों का पूर्णता शोषण किया जा रहा है। इन कर्मचारियों को अप्रैल 2020 से अभी तक वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। जबकि माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल द्वारा 23 सितंबर को उन्हें अंतरिम राहत प्रदान करते हुए निगम प्रबंधन को आदेश दिया गया था कि, संविदा चालक और परिचालकों को बिना अनुबंध पत्र के नवीनीकरण के कार्य पर लिया जाए तथा अभिलंब उनका वेतन जो है यथा शीघ्र भुगतान किया जाए। किंतु निगम प्रबंधन के द्वारा आज तक भी इन कर्मचारियों को न कार्य पर लिया गया और ना ही इनके वेतन का भुगतान किया गया है।

आज धरना प्रदर्शन के माध्यम से उत्तराखंड क्रांति दल ने परिवहन निगम प्रबंधन से यह मांग की है कि, इन कर्मचारियों की मानवीय आधार पर मदद करते हुए उन्हें तुरंत कार्य पर लिया जाए तथा अभिलंब इनके रुके हुए वेतन का भुगतान किया जाए। अगर प्रबंधन इस संबंध में किसी भी तरह का कोई सकारात्मक कार्य नहीं करता है तो उत्तराखंड क्रांति दल इस संघर्ष को लेकर जन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।

इस मौके पर केंद्रीय महामंत्री शांति भट्ट, जिला महामंत्री सोमेश बुड़ाकोटी, राजेश्वरी रावत, जिला महिला मोर्चा अध्यक्ष किरन रावत कश्यप, जिला कार्यकारी अध्यक्ष केंद्र पाल सिंह तोप वाल, शिव प्रसाद सेमवाल आदि दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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