स्वास्थ्य बदहाली:करोड़ो की लागत का अस्पताल,बन कर रह गया रैफर सेंटर

 

(स्टोरी:इंद्रजीत असवाल)

(पौड़ी गढ़वाल) सतपुली:-

मुख्यमंत्री ,पर्यटन मंत्री, गढ़वाल सांसद के गृह क्षेत्र का अस्पताल बना रैफर सेंटर| 

गजब हाल है पहाड़ों की हर एक पार्टियाँ लोग पलायन की वजह स्वास्थ्य शिक्षा को बताते है सरकार भी स्वास्थ्य शिक्षा पर ज्यादा ध्यान देने की बात करती है| आज हम आपको उस रैफर सेंटर की खबर दिखा रहे हैं जो तीन माननीयों के घर का है जिसे जन पद की हिर्दय स्थली कहा जाता है | 

जी हाँ मुख्यमंत्री , पर्यटन मंत्री , गढ़वाल सांसद तीनो इस सतपुली के है मुख्यमंत्री जी का गांव खैरासैन से मात्र 3 किलोमीटर दूरी पर है गढ़वाल सांसद व पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज जी  का घर भी इसी सतपुली में है फिर भी ये सतपुली कई मूलभूत समस्याओं से ग्रस्त है 

यहाँ पर करोड़ो की लागत से अस्पताल का निर्माण हुआ जो सुविधाओं के अभाव से रैफर सेंटर में तब्दील हो गया , यहाँ पर न तो पैथोलॉजी लैब है न अल्ट्रासाउंड न एक्सरे है, है तो केवल धूप सेकने के लिए कर्मचारी|  हमारे द्वारा अस्पताल के प्रभारी जी से बात की गई,उन्होंने बताया कि यहाँ पर कुछ डॉक्टर हायर एजुकेशन के लिए जा रखे हैं जो यहाँ पर है वो सेवा दे रहे हैं|  

हमने जब मरीज़ों की एंट्री रजिस्टर को देखा तो उसमें रोज 7 व 8 मरीज की एंट्री हुई है , इमरजेंसी में जो भी आये उनको रैफर किया गया है , अब पते की बात ये है कि सतपुली के निकट चमोलीसैन में हँस फ़ाउंडेशन  अस्पताल है जिसमे रोज 50 से 100 मरीज आते हैं व स्वास्थ्य लाभ लेते हैं 

तो क्या अब डबल इंजन की सरकार एक निजी अस्पताल से छोटी हो गई जब ये हाल बड़े माननीयों के घर के है तो प्रदेश के क्या होंगे ये आप सहज ही अंदाजा लगा सकते हैं  

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