दु:खद : जानवर के हमले में नही रहे दिगंबर दत्त तिवारी

रिपोर्ट ललित बिष्ट 

अल्मोड़ा 

आये दिन कही न कही से आवारा पशुओं के हमले की खबरे आती रहती है। लेकिन कभी कभी ये पशु जानलेवा हमला भी कर देते है।

 ऐसी ही एक दुखद घटना रानीखेत से सामने आयी है। रानीखेत तहसील के कुवांली क्षेत्र में कुलसीबी के खोल्टा निवासी 70 वर्षीय दिगंबर दत्त तिवारी पुत्र स्व ख्याली राम की बैल के हमले से मृत्यु हो गई। बीच बचाव में उनके पुत्र हेम चंद्र तिवारी का पैर फैक्चर हो गया है जबकि वहीं पर खड़े दो बच्चों ने भागकर किसी तरह अपनी जान बचाई ।

अपने पिता को सांड के सामने देख उनके पुत्र हेम चंद्र तिवारी ने उन्हें बचाने का प्रयास किया लेकिन खूंखार बैल ने उन पर भी हमला कर दिया। जिसमें हेम चंद्र का पैर फैक्चर हो गया। लेकिन इस बीच दोनों बच्चे वह से भागने में कामयाब हो गए। वर्ण वह भी घायल हो सकते थे। ग्रामीणों ने बमुश्किल बैल को वहां से खदेड़ा

इसके बाद ग्रामीणों ने बैल के हमले में जख्मी दोनों घायलों को पीठ में रखकर सड़क मार्ग तक पहुंचाया।ग्रामीणों ने घायलों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। रानीखेत से हल्द्वानी जाते वक्त घायल दिगंबर दत्त तिवारी ने दम तोड़ दिया। ग्रामीणों ने कहा कि जानवरों को लावारिस छोड़ने वाले पशुपालकों को कई बार सचेत किया गयाए लेकिन उन्होंने नहीं सुनीं। ग्रामीण बुजुर्ग की असमय मौत से ग्रामीणों में आक्रोश है।

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