करोड़ों की लागत से बने चिकित्सालय में डॉक्टर नदारद। कैसे रुकेगा कोरोना

पौड़ी जिले के लैंसडाउन विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विकासखंड रिखणीखाल क्षेत्र के बडियार गांव में अतसित प्रारंभिक स्वास्थ्य केंद्र बडियार गांव एलोपैथिक चिकित्सकों के अभाव में खुद बीमार बना हुआ है। पूरा देश व उत्तराखंड भी कोरोना वायरस के दबाव के चलते दहशत में है। ऐसे में जिस कार्य हेतु चिकित्सालय का निर्माण हुआ है वह अपने मकसद से कोसों दूर नजर आ रहा है। ९६लाख७०हजार की लागत से बना यह चिकित्सालय खुद बीमार होकर कैसे लोगों का इलाज कर पाएगा।

क्षेत्र के दो बार के विधायक दलीप रावत ने चिकित्सालय भवन तो बनवा दिया, पर लगता है चिकित्सकों की व अन्य स्टाफ की नियुक्ति करना भूल गए या चिकित्सालय भवन निर्माण तक की मानकर चल रहे हैं।

क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि यह प्राथमिक चिकित्सालय 20 ग्रामसभा क्षेत्रों के ग्रामीणों की जीवन रक्षक के रूप में स्थापित किया गया था, लेकिन चिकित्सकों के अभाव में क्षेत्र के लोगों को छोटी-छोटी बीमारियों के इलाज के लिए यहां से 20 किलोमीटर दूर रिखणीखाल जाना पड़ता है।

क्षेत्र के ग्रामीण इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक दिलीप रावत से लेकर ब्लाक प्रमुख व स्वास्थ्य विभाग के सभी उच्चाधिकारियों सहित मुख्यमंत्री को भी इसकी शिकायत लिखित और मौखिक रूप में कर चुके हैं, लेकिन आज तक भवन बनने के बाद से उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।

कोरोना जैसे भयंकर प्रकोप के समय मेरी चिकित्सालय में न डॉक्टर न फार्मेसिस्ट न सफाई कर्मी नियुक्त हैं। ऐसे में अगर कोरोन का प्रभाव पड़ता है, तो क्षेत्र के लोगों का कौन रक्षक होगा और कौन खेवनहार, यह कोई उत्तराखंड सरकार से पूछे!!

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