उदासीनता : इंदिरेश अस्पताल को नहीं मिल रही कोरोना जांच की अनुमति

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल की माॅलीक्यूलर लैब को अभी कोरोना संक्रमण सैम्पलों के जाॅच की अनुमति नहीं मिली है। देश भर में बढ़ते मामलों के मद्देज़र व भविष्य के दष्टिकोण से यह आवश्यक है कि ऐसी प्राईवेट अस्पतालों की लैब को कोरोना जाॅच की अनुमति प्रदान की जाए, जिनमें सैम्पलों की जाॅच हेतु सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं।

काबिलेगौर है कि श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल की ओर से केन्द्र सरकार व राज्य सरकार को पत्र भेजकर कोरोना सैम्पल जाॅच की अनुमति माॅंगी गई है।

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल 1500 बिस्तरों का अस्पताल है। अस्पताल की मोलीक्यूलर लैब में कोरोना सैम्पलों की जाॅच हेतु पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं। यदि समय रहते केन्द्र व राज्य सरकार से अनुमति मिल जाती है तो यह उत्तराखण्ड व आसपास के राज्यों के मरीज़ों के लिए बड़ा राहत भरा फैसला होगा।


श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में संचालित सेंट्रल मोलीक्यूलर रिसर्च लैबोरेटरी, नेशनल सेंटर फाॅर डिज़ीज कंट्रोल, (एनसीडीसी) नई दिल्ली से प्रमाणित उत्तराखण्ड का एकमात्र अधिकृत संेटर है। इसमें स्वाइन फ्लू (एच1एन1) सैम्पलों के जांच एवम् परीक्षण की सम्पूर्णं सुविधा उपलब्ध है। नेशनल सेंटर फाॅर डिज़ीज कंट्रोल नई दिल्ली द्वारा निर्धारित सभी गाइडलाइन व मापदण्डों को पूरा करने के बाद लैब को अनुमति प्रदान की गई है। लैब को स्वास्थ्य एवम् परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा भी स्वीकृति प्राप्त है।

“श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल प्रबन्धन ने केन्द्र सरकार व राज्य सरकार को पत्र भेजकर कोरोना सैम्पलों के जाॅच की अनुमति मांगी है। अस्पताल प्रबन्धन की ओर से लैब में सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की हुई है। हमें आशा है कि एक या दो दिन में हमें अनुमति प्राप्त हो जाएगी।”
– भूपेन्द्र रतूड़ी
वरिष्ठ जनसम्पर्क अधिकारी

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