कपकोट पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता में बड़ा हादसा, दो पायलट गंभीर घायल, एयर एंबुलेंस से हायर सेंटर रेफर

उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र में आयोजित पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता के दौरान शुक्रवार को बड़ा हादसा हो गया। प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे दो अनुभवी पायलट लैंडिंग के वक्त संतुलन खो बैठे, जिससे वे ऊंचाई से नीचे गिर गए। इस दुर्घटना में दोनों पायलट गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।   हादसे के […]

उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र में आयोजित पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता के दौरान शुक्रवार को बड़ा हादसा हो गया। प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे दो अनुभवी पायलट लैंडिंग के वक्त संतुलन खो बैठे, जिससे वे ऊंचाई से नीचे गिर गए। इस दुर्घटना में दोनों पायलट गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

 

हादसे के तुरंत बाद मौके पर तैनात मेडिकल टीम ने प्राथमिक उपचार शुरू किया। घायलों की हालत को देखते हुए प्रशासन ने उन्हें एयर एंबुलेंस के जरिए उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया।

 

घायल पायलटों में टिहरी गढ़वाल निवासी रणजीत सिंह चौहान शामिल हैं, जो उत्तराखंड टीम का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। बताया जा रहा है कि उड़ान के दौरान उनका प्रदर्शन संतोषजनक रहा, लेकिन लैंडिंग के अंतिम चरण में पैराग्लाइडर असंतुलित हो गया। नियंत्रण बिगड़ते ही वे तेज़ी से जमीन पर आ गिरे, जिससे उनकी कमर में गंभीर चोट आई। मौके पर मौजूद डॉक्टरों ने तत्काल इलाज किया और बाद में 108 एंबुलेंस के माध्यम से उन्हें कपकोट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।

 

दूसरे घायल पायलट नवीन परिहार हैं, जो वर्तमान में जिला पंचायत सदस्य भी हैं। लैंडिंग के दौरान वे पैर के बल नीचे गिरे, जिससे उनके पैरों में चोटें आई हैं।

 

घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्रीय विधायक सुरेश गढ़िया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और चिकित्सकों से दोनों घायलों की स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी ली।

 

सीएचसी कपकोट में तैनात चिकित्सक डॉ. प्रतीक शर्मा ने बताया कि दोनों पायलटों को गंभीर चोटें आई हैं। बेहतर इलाज के लिए उन्हें आर्थोपेडिक विशेषज्ञ के पास रेफर किया गया है। प्रशासन को भी पूरे मामले से अवगत करा दिया गया है।

 

गौरतलब है कि हाल ही में टिहरी झील में भी पैराग्लाइडिंग के दौरान एक और हादसा सामने आया था, जहां उड़ान के दौरान एक ग्लाइडर अनियंत्रित होकर सीधे झील में गिर गया था। उस समय जल पुलिस, स्थानीय प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम ने त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर पायलट को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था। पानी में गिरने के कारण उस घटना में पायलट को कोई गंभीर चोट नहीं आई थी।

 

लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के बाद राज्य में पैराग्लाइडिंग गतिविधियों की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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