गजब: पर्यटन मंत्री सतपाल के मंत्रालय में उद्घाटन कर गए राजमंत्री धन सिंह। जनता नाखुश, सरकार भुश

पर्यटन मंत्री सतपाल के मंत्रालय में उद्घाटन कर गए राजमंत्री धन सिंह। जनता नाखुश, सरकार भुश

– वाई एस पांगती 
देहरादून। बीते दो दिन पूर्व में धन सिंह रावत राज्य मंत्री सहकारिता, उच्च शिक्षा विभाग व दुग्ध विकास उत्तराखंड द्वारा ग्राम तेजम मुनस्यारी मे एशिया के प्रथम सर्वेयर पंडित नैन सिंह रावत के मूर्ति का बिना भूमि आवंटन व बिना  इस्टीमेट वित्तीय/प्रशासनिक स्वीकृति दिए शिलान्यास कर दिया गया। मजे की बात यह है कि, 15 लाख रुपए कांग्रेस विधायक हरीश धामी ने विधायक निधि से पार्क निर्माण मे देने से विभाग व सरकार की किरकिरी हुई है ?

ऐसे में सवाल यह उठता है कि, मुनस्यारी तहसील के सामने पंडित नैनसिंह के सरकार द्वारा भूमि आवंटन कर इस्टीमेट  के आधार पर संस्कृति विभाग ने ग्रामीण निर्माण विभाग को पैसा देकर पार्क मे मूर्ति लगाकर अधूरा कार्य कर छोड़ दिया गया, जहां अब आवारा पशुओं का अड्डा और स्कूटर आदि रखने का अड्डा बना हुआ है। समय-समय पर मल्ला जोहार विकास समिति मुनस्यारी उच्च स्तर पर लिखते लिखते थक चुके हैं।इस संदर्भ मे कमिश्नर,डी एम को कहते कहते आमजन परेशान हो गए। बाकायदा डी एम से भी  स्थल का मुआयना करवाया गया ,आखिर आश्वासन के अलावा कुछ भी नही मिला।

इस प्रकार देश के महान सर्वेयर के साथ और क्षेत्रीय जनता के साथ एक प्रकार से धोखा व मजाक हो रहा है?

गौरतलब है कि, यह काम संस्कृति विभाग का है, जिसके मंत्री सतपाल महाराज है। अब देखना यह है कि, राज्य मंत्री उक्त पार्क निर्माण के लिए भूमि कब आवंटित करते हैं ? पैसे किस हेड से कितने समय में दे पायेंगे ! इसके साथ ही कई प्रश्न खड़े हो गये हैं ?

सवाल यह भी खड़ा होता है कि, सरकार को इतनी जल्दी उद्घघाटन करने की क्यों आवश्यकता पड़ी ? अभी चुनाव भी नजदीक नही है। इससे आमजनों मे चर्चा हो रही है और यह बात गले से नही उतर रही है? आखिर उदघाटन भी बिना नाई से सलाह किए बाल काटने की क्यों आवश्यकता पड़ी? इससे स्पष्ट है कि, सरकार विवेक से कार्य नही कर रही है?

स्थानीय लोगों का आरोप है कि, धन सिंह रावत (उच्च शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड सरकार) केवल भाजपा कार्यकर्ताओं से मिलने आए थे,जनता से बात करनी चाहिए थी। “मुनश्यारी वाले इसका विरोध करते हैं।” ” डिग्री कॉलेज वाले गणमान्य लोगों को बुलाते हैं परंतु लोगों को बैठने के लिए भी नही कहते है। क्या केवल भाजपा वालों को ही स्थान देना था तो अन्य लोगों को क्यों बुलाया।”

इससे पहले भी केदारनाथ के पुनर्निर्माण कार्यों के उद्घाटन में राज्यमंत्री धन सिंह का शिलापटों पर था। यह कार्य पर्यटन, धर्मस्व और संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज का था लेकिन उनका नामो निशान गायब था। यह दोनों दिग्गज नेता पौड़ी से संबंध रखते हैं। लेकिन एक नेता के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मधुर संबंध है तो दूसरे सतपाल महाराज का त्रिवेंद्र से 36 का आंकड़ा है

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