शानदार पहल: ITI छात्रों को हर महीने मिलेगा 8000 रुपये स्टाइपेंड । जानिए पूरी अपडेट ..

देहरादून, जुलाई 2025
उत्तराखंड के आईटीआई (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों) में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। अब उन्हें प्रशिक्षण के साथ हर महीने कम से कम ₹8000 स्टाइपेंड मिलेगा। इसके साथ ही छात्रों को स्कूल ड्रेस की तरह ड्रेस के लिए धनराशि भी सरकार द्वारा सीधे उनके खाते में भेजी जाएगी।

यह निर्णय प्रदेश सरकार की नई तकनीकी शिक्षा नीति के तहत लिया गया है, जिसकी घोषणा  मंत्री सौरभ बहुगुणा ने की।


📢 बड़ी कंपनियों से समझौता: अब डुअल ट्रेनिंग सिस्टम लागू

प्रदेश के 80 में से 32 राजकीय आईटीआई में इस साल से “डुअल ट्रेनिंग सिस्टम” की शुरुआत की जा रही है। इसके तहत सरकार ने देश की चार प्रमुख कंपनियों के साथ समझौता किया है:

  • बजाज ऑटो लिमिटेड(BAJAJ Auto LIMITED)
  • टाटा मोटर्स(TATA MOTORS)
  • हीरो मोटो कॉर्प(HERO MOTOR CORP)
  • हिमालयन पावर मशीन मैन्युफैक्चरिंग(HIMALAYAN PAWAR MACHINE MANUFACTURING)

इस योजना में आईटीआई छात्र-छात्राओं को दो हिस्सों में प्रशिक्षण मिलेगा –
🔹 एक हिस्सा संस्थान में, जहां कंपनियों के विशेषज्ञ उन्हें प्रशिक्षण देंगे।
🔹 दूसरा हिस्सा कंपनियों के प्लांट में, जहां उन्हें व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।

💰 8000 रुपये स्टाइपेंड, कुछ कंपनियों से मिलेगा और ज्यादा

इन कंपनियों में प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को हर महीने न्यूनतम ₹8000 स्टाइपेंड मिलेगा। कुछ कंपनियों ने इससे अधिक स्टाइपेंड देने की भी सहमति दी है। इसका उद्देश्य युवाओं को न केवल तकनीकी रूप से दक्ष बनाना है, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर भी करना है।

🛠️ किन ट्रेड्स में मिलेगा प्रशिक्षण?

इस योजना के तहत छात्रों को निम्नलिखित तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षण मिलेगा:

  • वेल्डर
  • फिटर
  • मैकेनिक
  • ऑटो बॉडी पेंटिंग
  • टर्नर

प्रत्येक संस्थान में 20 से 24 छात्रों के बैच बनाए जाएंगे।

🧥 अब ड्रेस के लिए भी मिलेगा पैसा

मंत्री सौरभ बहुगुणा ने यह भी जानकारी दी कि सरकारी स्कूलों की तरह अब आईटीआई छात्रों को ड्रेस के लिए भी धनराशि प्रदान की जाएगी।

पिछले साल छात्रों को फ्री ड्रेस देने की योजना बनी थी, लेकिन लागू नहीं हो सकी। अब 2025 से छात्रों को DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से उनके खाते में ड्रेस के लिए धनराशि भेजी जाएगी।

🎯 सरकार का उद्देश्य: युवा बने कुशल और आत्मनिर्भर

मंत्री बहुगुणा ने बताया कि इस योजना का मकसद प्रदेश के युवाओं को इंडस्ट्री-रेडी बनाना है, ताकि वे सीधे रोजगार पा सकें या स्वरोजगार शुरू कर सकें। इससे छात्रों का न सिर्फ स्किल डेवलपमेंट होगा, बल्कि उन्हें आर्थिक सहयोग भी मिलेगा।

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