एक्सक्लूसिव: तकनीकी विश्वविद्यालय में खाता न बही। सूचना आयोग मे जुबान बंद रही

तकनीकी विश्वविद्यालय में खाता न बही। सूचना आयोग मे जुबान बंद रही

 

देहरादून। तकनीकी विश्वविद्यालय उत्तराखंड के लोक सूचना अधिकारी सुनवाई में माननीय राज्य सूचना आयुक्त महोदय के समक्ष बिना पूर्व तैयारी के निरूत्तर दिखें। कोरोना वायरस से जानमाल के बचाव में सतर्कता के चलते आज लम्बे समय बाद राज्य सूचना आयोग उत्तराखंड में माननीय राज्य सूचना आयुक्त महोदय के समक्ष चलदूरध्वनि से ऑडियो काल द्वारा सुनवाई हुई। पिछले जनवरी माह में राज्य तकनीकी विश्वविद्यालय उत्तराखंड में प्रतिवर्ष जेई मैंस रैंक के आधार पर होने वाली कॉउंसलिंग पर असंतुष्टता की स्थिति पर विभागीय लोक सूचना अधिकारी एवं अपीलीय अधिकारी से समयबद्ध संतोषजनक सूचनाएं न मिलने की स्थिति में सुनवाई हेतु अपील की गई थी।

जिसके लिए राज्य सूचना आयोग द्वारा सुनवाई के लिए आज की तिथि नियत की गई थी। अपील पर निम्न बिन्दुओं पर सुनवाई होनी थी जिनका तकनीकी विश्वविद्यालय उत्तराखंड के लोक सूचना अधिकारी बिना पूर्व तैयारी के माननीय राज्य सूचना आयुक्त महोदय के समक्ष निरूत्तर दिखें।
● विगत वर्षों तक तकनीकी विश्वविद्यालय उत्तराखंड द्वारा जेई मैंस की आल इंडिया रैंक के आधार पर बी टैंक के लिए कौंसिलिंग करते समय राज्य की रैंक का निर्धारण होता था, किन्तु पिछले वर्ष तकनीकी विश्वविद्यालय उत्तराखंड द्वारा राज्य की रैंक शून्य है। जबकि राज्य में जेई मैंस की आल इंडिया रैंक के आधार पर राज्य की कोई न कोई रैंक तो होगी।
● पिछले वर्षों से भारत सरकार द्वारा समान्य वर्ग के लिए जिसकी वार्षिक आय पांच लाख से कम हैं, ऐसे परिवार के होनहार छात्रों के लिए ईडब्लूएस (सामान्य अति पिछला वर्ग) कैटेगरी का निर्धारण हुआ है, जिसका बी टैंक कालेजों में सीटें निर्धारण में दस प्रतिशत आरक्षण निर्धारण हैं। माना किसी अभ्यर्थी की टीएफडब्लू कैटेगरी में आल इंडिया रैंक अट्ठारह हजार है। उसमें राज्य द्वारा उनकी राज्य में रैंक का निर्धारण ही नहीं हुआ है।
● सूचना प्राप्त करने से पता चला है कि, गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर ऊधमसिंहनगर एवं गोविंद बल्लभ पंत इस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नोलॉजी संस्थान घुड़दौड़ी पौड़ी गढ़वाल एक स्वयतशासी संस्थाएं हैं। जिनमें तकनीकी विश्वविद्यालय उत्तराखंड के नियम नहीं चलते तो विश्वविद्यालय पंतनगर और घुड़दौड़ी में बी टैंक के लिए कौसिलिंग क्यों करवाता है-?
● राज्य के सभी सरकारी बी टैंक कॉलेज तकनीकी विश्वविद्यालय उत्तराखंड से सम्बद्ध हैं और इन बीटेक कॉलेजों में सारी परि नियमावलियां तकनीकी विश्वविद्यालय उत्तराखंड की चलती हैं तो सरकारी बी टेक कालेजों की ट्यूशन फीस अलग-अलग क्यों हैं?
● जब अभ्यर्थी बी टेक कालेज की कॉउंसलिंग करते समय तकनीकी विश्वविद्यालय द्वारा कॉउंसलिंग करते समय दो हजार रुपये की धनराशि जमा करता है, तो अभ्यर्थी
बीटेक कालेज परिवर्तन करते समय स्थानीय आधार पर क्यों काटा जाता है?

ऐसे अनेक बिंदुओं पर माननीय राज्य सूचना आयुक्त महोदय के समक्ष बीस मिनट तक ऑडियो कॉल द्वारा सुनवाई हुई, जिसमें तकनीकी विश्वविद्यालय उत्तराखंड के लोक सूचना अधिकारी बिना पूर्व तैयारी के उपरोक्त बिन्दुओं के संतोषजनक उत्तर देने में निरुत्तर दिखें। राज्य सूचना आयुक्त महोदय ने वस्तु स्थिति को ठीक प्रकार से जानने के लिए लोक सूचना अधिकारी को काफी फटकार लगाई, साथ ही उपरोक्त बिंदुओं पर पुनः सुनवाई के लिए बीस अक्टुबर की तिथि निश्चित की गई है। सूचना अधिकार अधिनियम 2005 की अनदेखी एवं अमल न करना एक प्रकार से विभागों की लचर कार्य प्रणाली ही कहा जायेगा।

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