ये महिला पुलिसकर्मी परिवार से दूर कोरोना से जंग जीतकर लौटेंगी

सतपाल धानिया/विकासनगर

देहरादून क पछवादून क्षेत्र में ऐसे कई महिला पुलिस अधिकारी व आरक्षी हैं, जो लॉकडाउन में अपने बच्चों, माता पिता और घर को त्यागकर वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के साथ जंग लड़ रही हैं। ये कर्मचारी रात दिन सड़कों, गांवों व चौराहों पर सेवा कर रहे हैं। इनका उद्देश्य यही है कि किसी तरह कोरोना वायरस के संक्रमण को मात दी जा सके।
आइए क्षेत्र की कुछ ऐसी ही वीरांगनाओं को आपसे भी रूबरू करवाते हैं:-
सहसपुर थाना प्रभारी आईपीएस विशाखा अशोक भदाणे

सहसपुर थाना प्रभारी आईपीएस विशाखा अशोक भदाणे अपना घर परिवार त्याग देशसेवा में जुटी हैं। रात दिन सड़कों पर महिला आईपीएस कोरोना वायरस के संक्रमण को मात देती हुई देखी जा रही हैं। सहसपुर थाना क्षेत्र उत्तर प्रदेश, हरियाणा और हिमाचल की सीमाओं को छूता है। ऐसे में संसाधनों की कमी के बावजूद पूरी मुस्तैदी से डटी हुई हैं। जहां भी किसी जरूरतमंद को खाना दवाई या कोई आवश्यक सामान की जरूरत पड़ती है, अपनी टीम से पहुंचा रही हैं तो वही अंतर्राज्यीय सीमाओं को पूर्णतया सील किया हुआ है, जिससे बाहरी राज्यों से कोई भी संक्रमित व्यक्ति या वस्तु क्षेत्र में न आ सके तो वहीं लॉकडाऊन का उल्लंघन करने वालों पर भी सख्ती से कार्यवाही की जा रही है। थाना क्षेत्र के हर गांव चौराहों और नुक्कड़ पर पुलिस को तैनात किया गया है, जिससे कि क्षेत्र को संक्रमण से बचाया जा सके।
सब इंस्पेक्टर दीपा शाह

हर्बर्टपुर पुलिस चौकी में तैनात महिला सब इंस्पेक्टर दीपा शाह हर्बर्टपुर नगरपालिका क्षेत्र में मुस्तैदी से अपना कर्तव्य का पालन कर रही हैं। दीपा शाह वैसे तो पौड़ी में तैनात है, लेकिन किसी कार्य से वह हर्बर्टपुर आयी थी। इस बीच लॉकडाउन हो गया, जिस वजह से वो अपने मूल तैनाती स्थल पर नहीं पहुंच पायी, लेकिन उन्होंने मौके की नजाकत को भांपते हुए हर्बर्टपुर पुलिस चौकी में ही मोर्चा संभाल लिया और रात दिन घर परिवार को छोड़कर लॉकडाउन का पालन और जरूरतमंदों को खाना और आवश्यक सामग्री पहुंचाने में लगी हुई हैं।
आरक्षी आशा

धर्मावाला पुलिस चौकी में तैनात महिला पुलिस आरक्षी आशा लॉकडाउन शुरू होने वाले दिन से आज तक अपने परिवार और बच्चों से नहीं मिल पाई। छोटे-छोटे बच्चों को छोड़कर आशा सेवा करने में जुटी हुई हैं। क्षेत्र में कहीं भी किसी महिला को कोई परेशानी या खाने की जरूरत हो तो वह घर-घर जाकर राशन पहुंचा रही हैं। रात हो या दिन आशा सीमित संसाधनों के साथ सेवा कर रही हैं। क्षेत्र में अगर कोई भी कोरोना संदिग्ध की जानकारी मिलती है उसे कोरोंटाइन और आइसोलेसन वार्ड में भर्ती करा रही हैं।
आरक्षी वर्षा नौटियाल

सहसपुर थाने में तैनात महिला आरक्षी वर्षा नौटियाल उत्तरकाशी की रहने वाली हैं। वह थाने में वायरलैस सेट पर तैनात है। क्षेत्र में किसी भी तरह की कोई सूचना आती है उसे तुरंत संबंधित बीट अधिकारी को सूचित कर रही हैं, जिससे जरूरतमंद तक मदद पहुंच सके। रात दिन वर्षा नौटियाल वायरलैस सेट पर प्रसारित हो रही हर-एक सूचना को ध्यान से सुनकर उसके निराकरण में जुटी हुई हैं।
इंस्पेक्टर अक्षु रानी

सहसपुर थाने में तैनात महिला सब इंस्पेक्टर अक्षु रानी भी जरूरतमंद लोगों को सहायता पहुंचाने में डटी हैं। महिला होने पर भी रात दिन थाना क्षेत्र की महिलाओं के बीच में अक्षु रानी देखी जा सकती है। किसी भी जरूरतमंद की मदद को वह हरदम तैयार हैं।
महिला पुलिस कर्मियों के इस त्याग और बलिदान की क्षेत्र में खूब सराहना हो रही है। वैश्विक महामारी कोरोना से लड़़नेे के  लिए उनके त्याग और बलिदान को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा।

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