देहरादून। लंबे समय से विवादों में घिरी सेरेन ग्रींस आवासीय परियोजना पर अब उत्तराखंड रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) ने बड़ी कार्रवाई की है।
विला खरीदारों को गुमराह करने और ब्रोशर में किए वादों को तोड़ने के मामले में बिल्डर कंपनी जैमिनी पैकटेक प्राइवेट लिमिटेड पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
खरीदारों की शिकायत पर हुई कार्रवाई
सेरेन ग्रींस के विला निवासियों अशोक कुमार शर्मा और अन्य 15 खरीदारों ने RERA में शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप था कि बिल्डर ने वर्ष 2020 से 2022 के बीच बेचे गए 125 से 149.79 वर्गमीटर के प्लॉट/डुप्लेक्स/अपार्टमेंट में कई वादे पूरे नहीं किए।
शिकायतकर्ताओं ने बताया कि ब्रोशर में 1882.05 वर्गमीटर ग्रीन एरिया का वादा किया गया था, लेकिन बिल्डर ने उस पर अतिक्रमण कर अवैध निर्माण शुरू कर दिया।
ब्रोशर को बताया ‘सिर्फ ग्राफिक्स’
सुनवाई में बिल्डर ने तर्क दिया कि ब्रोशर में किए वादे केवल ग्राफिक्स थे और किसी भी वादे की जिम्मेदारी मार्केटिंग टीम पर डाल दी। यहां तक कि नक्शे में सड़क की चौड़ाई गलत दिखाने को भी हल्के में लिया गया।
लेकिन RERA सदस्य नरेश सी. मठपाल ने इन दलीलों को खारिज कर दिया और पाया कि खरीदारों की सहमति के बिना परियोजना में बड़े बदलाव किए गए हैं।
ग्रीन एरिया और सड़क पर अतिक्रमण
जांच में सामने आया कि सेरेन ग्रींस के मूल नक्शे (2015/2017) में मुख्य मार्ग 18 मीटर और आंतरिक मार्ग 9.00 मीटर व 7.50 मीटर तय थे। साथ ही 1746.39 वर्गमीटर ग्रीन एरिया दिखाया गया था।
लेकिन 2022 में ओकवुड अपार्टमेंट्स परियोजना के मानचित्र में इन रास्तों की चौड़ाई मनमाने तरीके से बदली गई। मुख्य मार्ग को 18 मीटर से घटाकर 15 मीटर किया गया, वहीं 7.50 मीटर के आंतरिक मार्ग को चौड़ा कर 12 मीटर किया गया। इसके लिए ग्रीन एरिया का अतिक्रमण भी किया गया।
RERA का आदेश
RERA ने साफ कहा कि बिल्डर ने खरीदारों को धोखा दिया है और बिना दो-तिहाई खरीदारों की सहमति के लेआउट प्लान में बदलाव किया है। इसके लिए कंपनी पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है जिसे 45 दिन के भीतर जमा कराना होगा।
कार्रवाई की गेंद MDDA के पाले में
हालांकि RERA ने बिल्डर की मनमानी पर विस्तृत कार्रवाई की जिम्मेदारी मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) और अन्य जिला विकास प्राधिकरणों पर डाल दी है। आदेश की प्रति CIDA और संबंधित विभागों को भी भेजी गई है ताकि भविष्य में इस तरह की मनमानी रोकी जा सके।
