अनदेखी का दर्द: लाखों की ट्रॉली शोपीस बनी। किसान आज भी पीठ पर ढो रहे फसल

नौगांव (उत्तरकाशी)।16 अप्रैल 2026
रिपोर्ट -नीरज उत्तराखंडी
धारी कलोगी क्षेत्र के बर्नी तोक में किसानों की सुविधा के लिए वर्ष 2023 में लगाई गई लाखों रुपये की ट्रॉली आज बेकार पड़ी है। जिस ट्रॉली से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद थी, वही अब जंग खाकर शोपीस बन चुकी है।

नदी पर पुल न होने के कारण यह ट्रॉली किसानों के लिए एकमात्र सहारा बन सकती थी। इसका उद्देश्य था कि किसान अपनी नकदी फसलों को आसानी से मोटर मार्ग तक पहुंचा सकें।

ट्रॉली की क्षमता भी पर्याप्त है—करीब 500 मीटर की दूरी को महज तीन मिनट में तय कर सकती है। लेकिन स्थापना के बाद से इसका संचालन शुरू ही नहीं हो पाया।

आज भी बर्नी तोक और आसपास के गांवों—गढ़, चोपड़ा, कसलान, देवल और न्यूड़ी गांवों के किसान अपनी फसलें घोड़ों, खच्चरों और पीठ पर ढोकर सड़क तक पहुंचाने को मजबूर हैं।

क्षेत्र में टमाटर, मटर, फ्रेंचबीन्स, आलू और राजमा जैसी नकदी फसलों का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है, लेकिन नदी पर पुल न होने से बारिश के समय जलस्तर बढ़ने पर फसलें खेतों में ही फंस जाती हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रॉली की तारें टूटी हालत में लटक रही हैं, जो कभी भी हादसे का कारण बन सकती हैं। मोटर मार्ग से गुजरने वाले लोग इस ट्रॉली को देखकर सवाल उठाते हैं कि आखिर लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद इसे चालू क्यों नहीं किया गया।

उत्तराखंड उद्यानिकी परिषद के सदस्य संजय थपलियाल ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि “लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद ट्रॉली का संचालन न होना चिंताजनक है।” उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मुद्दे को जल्द ही कृषि मंत्री के समक्ष उठाया जाएगा।

ये महत्वपूर्ण खबरें भी पढ़े :

📢 खबरों को सबसे पहले पाने के लिए पर्वतजन को फॉलो करें

👉 WhatsApp Channel Join करें 👉 WhatsApp Group Join करें 📲 App Download करें

Related Posts