हाईकोर्ट पहुँची भाजपा विधायक की पीड़िता। एफआइआर रोक पर सुनवाई को तारीख तय

कमल जगाती, नैनीताल

उत्तराखंड उच्च न्यायालय में द्वाराहाट विधायक के शारीरिक शोषण मामले में पीड़ित प्रीति बिष्ट ने याचिका दायर कर उनके खिलाफ दायर एफ.आई.आर.को क़वेश(खत्म) करने की प्रार्थना की है। एकलपीठ ने विधायक और पीड़ित के बीच हुए व्हाट्स एप चैट की कॉपी मंगवाते हुए मामले में सुनवाई एक मई को तय कर दी है।

प्रीति के अधिवक्ता

प्रीति बिष्ट के अधिवक्ता वीरेंद्र सिंह अधिकारी ने बताया कि शनिवार को पीड़ित प्रीति बिष्ट, माया बिष्ट और काजल बिष्ट ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर उनके खिलाफ दर्ज एफ.आई.आर.को क़वेश(रोक)करने की प्रार्थना की है । याची ने कहा है कि देहरादून पुलिस ने उनकी शिकायत तो दर्ज नहीं कि लेकिन उसके बाद विधायक की पत्नी द्वारा दी गई शिकायत को दबाव में दर्ज कर लिया। ऐसे में उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे पर रोक लगाई जाए। न्यायमूर्ति रविन्द्र मैठाणी की एकलपीठ के सम्मुख विधायक के अधिवक्ता भी उपस्थित हुए जिन्होंने अपने तर्क रखे । एकलपीठ ने अब विधायक और प्रीति के बीच हुए संदेशों(व्हाट्स ऍप चैट)की कॉपी मंगाते हुए एक सितंबर की तारीख तय की है।
मामले के अनुसार विधायक महेश नेगी की पत्नी रीता ने देहरादून के नेहरू कॉलोनी थाने में एफ.आई.आर.दर्ज कर कहा था कि द्वाराहाट में प्रीति और उसके परिजन उनके पड़ोस में रहते हैं और वो अन्य लोगों की तरह अपनी समस्याएं लेकर अक्सर आते हैं। प्रीति का आचरण ठीक नहीं है जिस कारण प्रीति का उनके घर में प्रवेश पर रोक लगा दी है। कहा गया है कि प्रीति ने भागकर शादी की और पति से न्यायालय में वाद चला।

प्रीति पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि उसके कई लोगों से रिश्ते हैं और उनसे भी वो रुपये वसूल चुकी है। विधायक की पत्नी ने आरोप लगाया कि प्रीति ने उन्हें फोन कर कहा था कि वो महेश के बच्चे की माँ है और उनकी 5 करोड़ रुपये की मांग नहीं मांगी गई तो महेश नेगी का राजनीतिक करियर ठप कर देंगी और परिवार को भी बदनाम कर देंगी । रीता ने प्रीति बिष्ट पत्नी दीपक सिंघल, दीपक सिंघल के अलावा प्रीति की माँ और भाभी के खिलाफ मुकदमा दायर किया है, जिसपर प्रीति ने उच्च न्यायालय में रोक लगाने की मांग की है।

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