बड़ी खबरी: चारधाम यात्रा से पहले यमुनोत्री हाईवे की बदहाली। छह दिन शेष—तैयारियां अधूरी

 अप्रैल 2026 | रिपोर्ट – नीरज उत्तराखंडी  यमुनाघाटी (उत्तरकाशी)। बहुप्रतीक्षित चारधाम यात्रा शुरू होने में अब मात्र छह दिन का समय शेष रह गया है, लेकिन यमुनोत्री धाम की ओर जाने वाले प्रमुख मार्ग की जमीनी तैयारियां अधूरी नजर आ रही हैं। खासकर डामटा से लेकर नौगांव तक यमुनोत्री हाईवे की स्थिति चिंताजनक बनी हुई […]

 अप्रैल 2026 | रिपोर्ट – नीरज उत्तराखंडी 

यमुनाघाटी (उत्तरकाशी)। बहुप्रतीक्षित चारधाम यात्रा शुरू होने में अब मात्र छह दिन का समय शेष रह गया है, लेकिन यमुनोत्री धाम की ओर जाने वाले प्रमुख मार्ग की जमीनी तैयारियां अधूरी नजर आ रही हैं।

खासकर डामटा से लेकर नौगांव तक यमुनोत्री हाईवे की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जो यात्रा सीजन में यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन सकती है।

डामटा से नौगांव तक ऑलवेदर सड़क परियोजना के तहत चौड़ीकरण कार्य जारी है, लेकिन इस कार्य के चलते मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं। कई स्थानों पर सड़क पर गंदा पानी बह रहा है, जिससे हालात और बिगड़ गए हैं।

गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क तालाब जैसी दिखाई दे रही है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों को खासा खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार कई वाहन चालक इन गड्ढों में फिसलकर चोटिल भी हो चुके हैं।

सड़क किनारे पड़ा मलबा और क्षतिग्रस्त क्रश बैरियर भी दुर्घटनाओं की आशंका को बढ़ा रहे हैं। चौड़ीकरण कार्य के दौरान पूर्व में लगाए गए क्रश बैरियर टूट गए हैं, जिन्हें अब तक दुरुस्त नहीं किया गया है। ऐसे में दुर्घटना संभावित स्थलों पर खतरा बना हुआ है।

चारधाम यात्रा के प्रथम पड़ाव नौगांव में भी हालात संतोषजनक नहीं हैं। नगर क्षेत्र में राजमार्ग पर अनगिनत गड्ढे विभागीय कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

जल निकासी के लिए बनी नालियां चौड़ीकरण के मलबे से बंद पड़ी हैं, जिससे गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। इसका सबसे अधिक असर पैदल चलने वाले स्कूली छात्रों पर पड़ रहा है, जिन्हें रोजाना इस समस्या से जूझना पड़ रहा है।

बर्नीगाड में पार्किंग हैंडओवर नहीं, जाम की समस्या बरकरार

यमुनोत्री हाईवे पर स्थित बर्नीगाड कस्बा करीब 50 से अधिक गांवों का प्रमुख व्यापारिक केंद्र है, लेकिन यहां भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। लगभग पौने तीन करोड़ रुपये की लागत से बनी वाहन पार्किंग अभी तक नगर पंचायत को हैंडओवर नहीं की गई है, जिससे इसके संचालन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। नतीजतन, कस्बे में जाम की समस्या आम हो गई है, जो यात्रा काल में और विकराल रूप ले सकती है।

इसके अलावा, बर्नीगाड में यात्रियों के लिए स्थायी शौचालय की व्यवस्था भी नहीं है, जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

डामटा में भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव

जनपद के प्रवेश द्वार डामटा में भी यात्रियों के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। यहां तीन वर्ष पूर्व क्षतिग्रस्त हुआ शौचालय आज तक ठीक नहीं किया गया है। यात्रा के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन मूलभूत सुविधाओं की कमी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।

अधिकारियों का दावा—जल्द सुधरेंगे हालात

इस संबंध में प्रभारी अधिशासी अभियंता, राजमार्ग खंड बड़कोट नवनीत पांडेय का कहना है कि सड़क किनारे पड़े मलबे को हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। साथ ही यात्रा शुरू होने से पहले गड्ढों को भरने का कार्य भी पूरा कर लिया जाएगा।

यात्रा से पहले चुनौतीपूर्ण हालात

चारधाम यात्रा जैसे बड़े धार्मिक आयोजन से पहले इस तरह की अधूरी तैयारियां प्रशासन और संबंधित विभागों के लिए चुनौती बनी हुई हैं। यदि समय रहते व्यवस्थाओं को दुरुस्त नहीं किया गया, तो यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

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