बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं से जूझता राज्य। सरकारी दावे हवाहवाई ।

राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह बदहाल हैं। सरकारें बेशक स्वास्थ्य को लेकर बड़े-बड़े दावे करते है, पर पहाड़ों में स्तिथि आज भी दयनीय है। अभी हाल ही में पिथौरागढ़ के हरगोविंद चिकित्सालय में वर्तमान में संसाधनों की कमी है।

जानकारी के मुताबिक वर्ष 1962 में सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में हरगोविंद पंत चिकित्सालय का निर्माण हुआ था। जिसमे रोजाना 120 से अधिक ओपीडी सेवाएं चलती है। लेकिन अब हालात ऐसे हो गए हैं कि, प्रत्येक दिन संसाधनों की अत्यधिक कमी के कारण हर माह मरीजों की तादाद बढ़ने लग गई है।

वहीं दूसरी ओर बात करें प्रसव या अन्य बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की तो उन्हें कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही महिलाओं के लिए संसाधनों की कमी बढ़ती जा रही है। वही आरोप है कि, डॉक्टरों के द्वारा मरीजों से मनमानी और अभद्र व्यवहार किया जा रहा है।

अब ऐसे में महिलाओं के पास हायर सेंटर के चक्कर काटने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा, जिसमें महिलाओं को अब समय पर उपचार न मिल पाने के कारण हायर सेंटर पहुंचने से पहले ही महिलाएं और बच्चा दोनों रास्तों में ही दम तोड़ रहे हैं।

आलम यह है कि, अस्पताल प्रबंधन इस बात को गंभीरता से नहीं ले रहा हैं और अपने कदम ऐसे मामलों में पीछे खिंचता साफ नजर आ रहा हैं। लेकिन मरीजों के सामने यही रास्ता है कि, वह जच्चा-बच्चा दोनों को सुरक्षित बचाने के लिए हायर सेंटर जाएं।

अब इस बारे में महिला चिकित्सालय वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ ने भी मान लिया है कि, जिले के एकमात्र महिला चिकित्सालय में संसाधनों की भारी कमी आने लगी है। जिसके चलते कई लोगों को अपनी जान गवानी पड़ रही हैं और स्वास्थ्य प्रबधन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।

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