रुद्रपुर घनी आबादी के बीचोबीच आइएसवीटी का प्रबल विरोध सांकेतिक धरना और हुई नारेबाजी

रुद्रपुर शहर के बीचो-बीच घनी आबादी व व्यस्तम यातायात वाले क्षेत्र में अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल बनाने के प्रस्ताव को लेकर नागरिकों में रोष व्याप्त है।

वर्ष 2012 में तत्कालीन जिलाधिकारी और आईएसबीटी निर्माण कर्ता एजेंसी के ठेकेदार द्वारा गुपचुप तरीके से वर्षों पुराने रोडवेज बस स्टैंड को आईएसबीटी में परिवर्तित करने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया था। लगभग 10 वर्षों पश्चात उस का प्रस्ताव पारित होकर धन आवंटित करवा लिया गया है।

शहर के बीचो बीच, घनी बस्ती दरिया नगर व व्यस्त आवाजाही,प्रस्तावित फ्लाईओवर निर्माण वाले क्षेत्र में आईएसबीटी बनाए जाने का प्रस्ताव को लेकर व्यवसायियों व बस्ती वासियों में रोष व्याप्त है ।उनका कहना है कि आइएसवीटी शहर से दूर बनाए जाते है । निर्माण एजेंसी के ठेकेदार के प्रलोभन व दबाव में

नगर निगम प्रशासन रोडवेज की बाउंड्री वॉल से बाहर वर्षों सेनजूल भूमि पर व्यवसाय कर रहे, दुकानदारों को उजाड़ने पर आमादा है।

वर्तमान रोडवेज स्टेशन  में 30 – 40 बसों की आवाजाही पर ही चक्का जाम की विकट स्थिति उत्पन्न हो जाती है, ऐसे में शहर के बीचो बीच अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल बनाने से दरिया नगर बस्ती व रोडवेज की दीवार से लगे व्यवसायियों व आवासों पर खतरा मंडराने लगा है।

आईएसबीटी निर्माण करने वाली एजेंसी का ठेकेदार धनबल और बाहुबल के बूते पर क्षेत्र के नागरिकों और व्यवसायियों को उजाड़ने की भरपूर कोशिश कर रहा है।

विगत दिनांक 29 अक्टूबर को नगर पालिका प्रशासन ने किच्छा बायपास रोड ,रामलीला मैदान के सामने रोडवेज बाउंड्री के बाहर की दुकानों पर अचानक बुलडोजर चलाना शुरु कर दिया और दो दुकानें ध्वस्त कर दी है, जिससे बस्ती वासियों और नागरिकों में रोष व्याप्त हो गया है। नगर निगम की इस तानाशाही कार्यवाही के पीछे आइ एसवीटी के ठेकेदार के साथ मिलीभगत के आरोप भी लगाए जा रहे हैं।

इससे पूर्व है आइएसवीटी ठेकेदार ने अपने प्रभाव से बार बार नगरपालिका के माध्यम से दुकानदारों को नोटिस भिजवाये व जिला प्रशासन पर भी दबाव बनाया जा रहा है।  अब नगर निगम प्रशासन दुकानदारों को उजाड़ने पर आमादा है । ध्वस्तीकरण की इस कार्रवाई के प्रति नगर निगम मेयर रामपाल ने संज्ञान न होने की बात कही है। इस पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं?

दरिया नगर बस्ती , रोडवेज और यह दुकानदार लगभग 40- 45 साल से इस जगह पर स्थापित है। यह सारी भूमि नुजूल की है, जिसे रोडवेज अपनी बताने लगा है जबकि नगर पालिका अध्यक्ष का कहना है कि उन्होंने लगभग 4 एकड़ भूमि रोडवेज को परिवहन व्यवस्था के लिए ,हस्तांतरित की थी ।

रूद्रपुर नगर निगम के अंतर्गत समस्त नजूल भूमि, नगर पालिका के प्रबंधन में है। रोडवेज बाउंड्री नजूल भूमि पर दुकानदार वर्षों से नगरपालिका को मासिक किराया देते आ रहे हैं।

वर्षों पूर्व तत्कालीन नगर पालिका चेयरमैन स्वर्गीय सुभाष चतुर्वेदी के कार्यकाल में  दुकानों को मासिक तहबाजारी किराया लागू किया  गया था।

आइएसवीटी का ठेकेदार घनी आबादी के बीच जबरन टर्मिनल बनाकर जमीन पर कब्जा करने को आमादा है जबकि यह जमीन नजूल विभाग की है।

नगर निगम के बार-बार नोटिस दिए जाने व व्यवसायियों को बार-बार दुकाने हटा  देंने के नोटिस से असुरक्षित दुकानदारों ने भाजपा जिला अध्यक्ष शिव अरोड़ा नगर निगम, मेयर रामपाल सिंह व अन्य गणमान्य व्यक्तियों की मध्यस्थता में जिला अधिकारी रंजना राजगुरु से दुकानदारों में भय से मुक्त करने, असुरक्षा व उत्पीड़न न किए जाने की गुहार की थी।

भाजपा जिला अध्यक्ष शिव अरोड़ा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी को भी समस्त तथ्यों व वस्तु स्थिति से अवगत कराया गया था जिस पर उन्होंने स्वरोजगार में लगे हुए व्यवसायियों को न उजाड़ने  के निर्देश भी जिला प्रशासन को दिए हैं ।इसके बावजूद भी नगर निगम प्रशासन द्वारा ध्वस्तीकरण की कार्यवाही किया जाना संदेहास्पद है।

इसके विरोध स्वरूप आज बस्सी वासियों व प्रभावित व्यवसायियों ने श्री विश्वकर्मा स्वरोजगार उत्थान समिति के तत्वाधान में सांकेतिक धरना दिया। धरना स्थल पर रुद्रपुर व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय जुनेजा व उनके साथ अन्य पदाधिकारियों ने भी समर्थन दिया ।     शहर के बीचो-बीच घनी आबादी व यातायात वाले क्षेत्र में आइएसवीटी बनाने के औचित्य पर सवाल खड़े किए और आइए सवीटी को शहर से दूर किसी बड़े क्षेत्र में बनाए जाने की बात कही है।

श्री जुनेजा ने व्यवसायियों के उत्पीड़न को किसी भी कीमत में बर्दाश्त न करने की बात कही और आइएसवीटी के विरोध में सभी व्यापारी भाइयों का समर्थन देने की बात भी कही है।

श्री विश्वकर्मा स्वरोजगार उत्थान  समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र पाल छाबड़ा ने कहा कि वह लोग 40- 45 वर्षों से व्यवसाय कर रहे है। दरिया नगर शहर की एक प्राचीन बस्ती है उसी से लगा हुआ यह रोडवेज स्टेशन भी है जो अब रुद्रपुर नगर के विकसित होने के साथ-साथ छोटा पड़ गया है और ऐसे में इसे आईएसबीटी में परिवर्तित करने का प्रस्ताव किसी बड़ी साजिश व मिलीभगत को दर्शाता है।

श्री  ने कहा कि भाजपा सरकार नजूल भूमि में फंसे हुए लोगों को मालिकाना हक देने के प्रति वचनबद्ध है वही कुछ सफेदपोश आइएसवीटी  ठेकेदार के पक्ष में खड़े होकर जनता को उजाड़ने पर आमादा है। उन्होंने कहा क्षेत्र के विकास के लिए हाय स्वीटी भी आवश्यक है लेकिन इसे शहर से बाहर बनाया जाना चाहिए इससे पूर्व एफसीआई गोदाम के सामने जिसे अब मोदी मैदान कहा जाता है, वहां पर इसका प्रस्ताव था वहां अभी भूमि रिक्त है इसके अतिरिक्त शिलिंग  भूमि  शहर से बाहर भी उपलब्ध हैं।  शहर के बीचो-बीच घनी आबादी व यातायात वाले क्षेत्र में आइएसवीटी बनाने का कोई औचित्य नहीं है।

उन्होंने  मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी से दरिया नगर बस्ती निवासियों के आवास व व्यवसाय की सुरक्षा व अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल अन्यत्र हस्तांतरित करने की गुहार की है।

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