सतलुज जल विद्युत निगम ने परियोजना में प्रभावित युवाओं को नौकरी से हटाया ।

स्थान / थराली रिपोर्ट / गिरीश चंदोला थराली देवसारी जल विद्युत परियोजना का निर्माण करा रही सतलुज जल विद्युत निगम पर परियोजना में प्रभावित हो रहे क्षेत्रों के बेरोजगार हो चुके युवकों ने रोजगार छीनने का आरोप लगाया है । दरसल पिछले 10 से 12 सालों से विभिन्न पदों पर कार्यरत प्रभावित क्षेत्र के युवकों […]

स्थान / थराली

रिपोर्ट / गिरीश चंदोला

थराली देवसारी जल विद्युत परियोजना का निर्माण करा रही सतलुज जल विद्युत निगम पर परियोजना में प्रभावित हो रहे क्षेत्रों के बेरोजगार हो चुके युवकों ने रोजगार छीनने का आरोप लगाया है ।

दरसल पिछले 10 से 12 सालों से विभिन्न पदों पर कार्यरत प्रभावित क्षेत्र के युवकों को सतलुज कंपनी से बीते कुछ माह में बिना कोई कारण बताते हुए नोकरी से हटा दिया।

ऐसे में कारण जानने के लिए नोकरी से हटाए गए प्रभावित क्षेत्र के इन युवकों ने सतलुज कंपनी के कार्यालय में पहुंचकर प्रबंधक से बातचीत कर दोबारा नोकरी पर बहाल करने की मांग की है।

प्रभवित क्षेत्र के युवकों का आरोप है कि, वे पिछले 12 सालों से सतलुज कंपनी के दफ्तर में कार्यरत हैं लेकिन कुछ समय पहले कंपनी ने बिना कुछ कारण बताए ही 18 लोगो को नौकरी से हटा दिया, जबकि 10 लोगो को बाद में दोबारा बहाल कर दिया और बाकी लोगो को फिलहाल बाहर ही रखा गया है ।

ऐसे में प्रभावित क्षेत्र के इन युवाओ ने सतलुज कंपनी पर आरोप लगाते हुए कहा कि, सतलुज जल विद्युत निगम एक और उनके गांवो को डुबाने का काम कर रहा है और दूसरी और प्रभावित क्षेत्र के युवाओ को बेरोजगार भी कर रहा है ।नौकरी से हटाए गए इन युवकों ने सतलुज कंपनी के विरुद्ध अपना आक्रोश जताते हुए परियोजना पर प्रश्न उठाया है।

वहीं इस मामले पर कंपनी के प्रबंधक आशुतोष बहुगुणा का कहना है कि, जिन भी लोगो को सतलुज से हटाया गया है वे सभी उपनल के माध्यम से सलतुज कंपनी के साथ जुड़े हुए थे और अब उनका उपनल के साथ अनुबंध खत्म हो गया है।

साथ ही उन्होंने कहा कि परियोजना का निर्माण कार्य शुरू होने पर प्रभावित क्षेत्र ही नही बल्कि स्थानीय स्तर पर भी परियोजना के माध्यम से लोगो को रोजगार से जोड़ने का काम किया जाएगा ।

वहीं नौकरी से हटाए गए राकेश बिष्ट , सुरेंद्र सिंह बिष्ट , अन्य लोगो के मुताबिक लंबे समय तक सतलुज में नौकरी करने के बाद बिना कारण बताए उन्हें नोकरी से हटाने के बाद उनके परिवार पर भरण पोषण का संकट आ खड़ा हुआ है।

इन युवाओ ने सतलुज कंपनी के इस फैसले को प्रभावितों के साथ भद्दा मजाक बताया है और जल्द बहाली न होने की सूरत उग्र कदम उठाने की बात कही है।

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