पीसीएस : हिमाचल-यूपी मे तीन-तीन बार परीक्षा। उत्तराखंड मे चार साल से रोस्टर, आर्थिक आरक्षण, अधियाचन के फेर मे ओवरएज हो गये बेरोजगार

पीसीएस परीक्षा के लिए ट्वीटर के माध्यम से अभियान चला रहे युवा
छः माह मे खाली पदों को भरने के वादे पर सत्ता में आई भाजपा की उत्तराखंड सरकार से युवा ट्वीटर पर PCS परीक्षा करवाने के लिए अभियान चलाए हुए है।

आलम यह है कि उत्तराखंड मे पिछली PCS विज्ञप्ति 8 OCTOBER 2016 को आई थी जिसका अंतिम परिणाम JULY 2019 मे घोषित किया गया था। उल्लेखनीय है कि 2017 मे उत्तराखंड के साथ ही दो अन्य राज्यों हिमाचल और उत्तर प्रदेश में चुनाव हुए तथा तीनो ही राज्यो मे भाजपा सरकार सत्ता में आई।

यूपी, हिमाचल मे तीन बार परीक्षा

हिमाचल और उत्तर प्रदेश में जहां 2017 से जहां तीन तीन बार PCSपरीक्षा हो चुकी है तथा 2020 की PCSपरीक्षा भी अधिसूचित हो चुकी है तो वही उत्तराखंड में कभी रोस्टर के नाम पर तो कभी आर्थिक आरक्षण के नाम पर तो कभी शासन द्वारा आयोग को भेजे गये अधियाचन मे कमी बताकर छात्रों को पिछले 4सालों से PCSपरीक्षा से वंचित किया जा रहा है।

ओवर एज हो रहे अभ्यर्थी, कौन जिम्मेदार

समय पर विज्ञप्ति नही आना जहां छात्रों को अवसाद मे ड़ाल रहा है तो वही उनकी उम्र भी जा रही है जिससे सामाजिक आर्थिक समस्याएं छात्रों के सामने आ रही हैं। PCS परीक्षा की तैयारी कर रहे युवा विनेश टवीटर पर माननीय मुख्यमंत्री और महामहिम राज्यपाल को टैग करते हुए अन्य राज्यों का हवाला देकर pcsविज्ञप्ति जारी करने की प्रार्थना करते हैं तो durgesh नामक user सरकार को रोजगार वर्ष की याद दिलाकर परीक्षा करवाने की मांग करते हैं। अन्य user किशन भी पीसीएस परीक्षा करवाने के लिए टवीट कर रहे है। पीयूष, विनय, जयसिंह,अन्नू,हारून,हयात, अंशु, समीर जैसे अन्य युवा ट्वीटर के माध्यम से गुहार लगा रहे हैं।तान्या शैलु जैसी अनेकों लड़किया भी इस अभियान में पीछे नहीं है।

ट्विटर पर अभियान

युवा एक दुसरे के टवीट को रीट्वीट कर रहे है तथा सम्मानित लोगों को टैग करते हुए अपनी बात रख रहे हैं। इस बीच छात्रों की पुकार सुन कर पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भी छात्रों के समर्थन मे उतर आये हैं तथा मुख्यमंत्री और राज्यपाल को टैग करते हुए 4 सालों से pcsपरीक्षा ना होने पर आश्चर्य जताया है।

उन्होंने छात्रों के हितों हेतु उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष को इस मामले में चिट्ठी भी लिखी है। विपक्ष ने छात्रों की समस्या का संज्ञान ले लिया है देखना होगा सरकार कब तक लेती है।एक तरफ सरकार पलायन रोकने के लिए आयोग का गठन करती है तो वही सालों साल पद रिक्त होने पर भी विज्ञप्ति जारी नहीं करती है।

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