भयावह हालात: स्यानाचट्टी में घर-होटल डूबे, 300 लोग बेघर

उत्तरकाशी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में एक बार फिर कुदरत का कहर देखने को मिला है। पहले धराली और अब स्यानाचट्टी में हालात बेकाबू होते जा रहे हैं।

अचानक कुपड़ा खड्ड से भारी मलबा और बड़े पत्थर बहकर यमुना नदी में पहुंचे, जिससे बनी झील का जलस्तर तेजी से बढ़ गया।

झील का पानी बढ़ते ही स्यानाचट्टी के घरों और होटलों में पानी घुस गया। इससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों में दहशत फैल गई। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने स्यानाचट्टी, कुथनौर और खरादी के सभी भवनों और होटलों को खाली करवा दिया। इस दौरान करीब 300 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया।

स्थानीय लोग भी खतरे को देखते हुए कुथनौर और खरादी से अपने मूल गांवों स्यालना, पुजारगांव, पाली और भंसाड़ी में चले गए हैं।

लगातार बहकर आ रहा मलबा 

कुपड़ा खड्ड से लगातार पत्थर और मलबा बहकर आ रहा है, जिससे जून के अंत में बनी झील का बहाव एक बार फिर रुक गया है।

सिंचाई विभाग की तीन पोकलेन मशीनें नदी के बहाव को सुचारू करने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन लगातार मलबा आने से काम रुक-रुककर बाधित हो रहा है।

स्थानीय लोगों ने स्थायी समाधान की मांग की

स्थानीय निवासी ने बताया कि खुले मौसम में भी खड्ड से मलबा आ रहा है, जिससे यमुना नदी का प्रवाह रुक गया है। उन्होंने प्रशासन से पत्थर हटाने और स्यानाचट्टी की सुरक्षा के लिए स्थायी समाधान की मांग की है।

एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें अलर्ट पर

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें खरादी में तैनात हैं। हालांकि, स्यानाचट्टी में बना यमुनोत्री हाईवे का पुल भी झील के बढ़ते जलस्तर में आधा डूब चुका है। इस कारण राहत और बचाव दल को आगे बढ़ने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

📢 खबरों को सबसे पहले पाने के लिए पर्वतजन को फॉलो करें

👉 WhatsApp Channel Join करें 👉 WhatsApp Group Join करें 📲 App Download करें

Related Posts