उत्तराखंड में जनता के प्रति भारतीय जनता पार्टी की बेरुखी व कांग्रेस के वोट बैंक पर नजर गड़ाए आम आदमी पार्टी भाजपा-कांग्रेस के लिए आगामी विधानसभा चुनाव में बड़ी चुनौती बनकर सामने आने वाली है। इसके लिए पार्टी ने उत्तराखंड में मजबूत पकड़ बनाने के लिए अभियान भी शुरू कर दिया है।
दिल्ली में लगातार तीसरी बार शानदार प्रदर्शन के बाद आम आदमी पार्टी उत्तराखंड में भी चुनाव लडऩे का मन बना रही है। इसके लिए पार्टी अभी से सभी ७० विधानसभा सीटों का विश्लेषण कर रही है।
आम आदमी पार्टी के उत्तराखंड प्रभारी राकेश सिन्हा बताते हैं कि आम आदमी पार्टी प्रदेश में २०२२ में होने जा रहे विधानसभा चुनाव में सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी। उत्तराखंड में भी पार्टी बिजली, पानी और शिक्षा जैसे मूलभूत मुद्दों पर ही चुनाव मैदान में उतरेगी।
आप ने सदस्यता अभियान से इसका शुभारंभ भी कर दिया है। यही नहीं पार्टी से जुडऩे के लिए बकायदा एक नंबर भी 9871010101 भी लांच किया है।
राकेश सिन्हा का कहना है कि प्रदेश की स्थिति को देखते हुए आज प्रदेशवासियों को तीसरे विकल्प की जरूरत है। इसके लिए आम आदमी पार्टी उत्तराखंडवासियों के लिए बेहतर विकल्प हो सकती है। क्योंकि कांग्रेस व भाजपा ने बारी-बारी से प्रदेश में शासन किया, किंतु प्रदेश की आम जनता की उम्मीदों पर खरा उतर पाने में कामयाब नहीं हो पाए।
बहरहाल देखना यह होगा कि आम आदमी पार्टी के उत्तराखंड में सक्रिय होने के बाद मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस जनमुद्दों को लेकर कितनी सक्रिय हो पाती है या फिर दिल्ली विधानसभा चुनाव की तरह ही मुद्दों को भुनाने की बजाय वोट बैंक बिखरने का इंतजार करती है!

उत्तराखंड मे भी दिल्ली की तर्ज पर लड़ेगी आम आदमी पार्टी।बिजली, पानी और शिक्षा, स्वास्थ्य मुख्य मुद्दे।



