युवा लेखक एवं सामाजिक कार्यकर्ता ने DGP को भेंट की “ख़ाकी में खड़े ये फरिश्ते” कविता

युवा लेखक एवं सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद आशिक ने आज उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक श्री अशोक कुमार जी से उनके कार्यकाल, पुलिस मुख्यालय देहरादून में मुलाकात की तथा उन्हें अपने हाथों से लिखी एक कविता भेंट की।

कविता का शीर्षक है “ख़ाकी में खड़े ये फ़रिश्ते” यह कविता पुलिस के द्वारा कोरोना काल में किये गये कार्यों पर आधारित है। इस कविता में उत्तराखंड पुलिस के द्वारा किए गए कार्यों एँव मानव सेवा को दर्शाया गया है।

DGP श्री अशोक कुमार जी ने मेरी इस कविता की काफी प्रशंसा की और इसे एक बेहतरीन कविता बताया।

पढ़िए कविता:

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