एक्सक्लूसिव: तीरथ और रानी ने नामांकन से बनाई बढ़त।अपनों की मुश्किल बरकरार

पौड़ी गढ़वाल संसदीय सीट से भाजपा प्रत्याशी तीरथ सिंह रावत और टिहरी संसदीय सीट से माला राज्य लक्ष्मी शाह ने आज कार्यकर्ताओं और तमाम समर्थकों के रोड शो के साथ नामांकन करा के कांग्रेस पर मनोवैज्ञानिक बढ़त बना दी है।

अपेक्षाकृत कमजोर मानी जा रही इन दोनों सीटों पर तमाम भाजपा विधायकों के समर्थन से दोनों प्रत्याशियों सहित इन के समर्थकों में भी उत्साह की लहर है।

दोनों प्रत्याशियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करिश्माई नेतृत्व के कारण भी जीत का भरोसा है। यही कारण है कि पौड़ी में जहां भाजपा ने तीरथ सिंह रावत को उतारा है तो वहीं विकास कार्य में फिसड्डी रहने पर भी रानी लक्ष्मी शाह को ही रिपीट किया है।

तमाम वरिष्ठ नेताओं के साथ अपने समर्थकों सहित नामांकन कराने पहुंचे इन दोनों प्रत्याशियों ने जनसभाओं का भी संबोधन किया और रैली भी आयोजित की। जाहिर है कि भाजपा में इस बढ़त के साथ ही उत्साह दुगना हो गया है। तीरथ सिंह रावत ने भाजपा के 5 सालों के कार्यकाल पर भरोसा जताते हुए कहा कि इस बार भाजपा 400 पार हो जाएगी।

तीरथ सिंह रावत के नामांकन के दौरान कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत, धन सिंह रावत सहित सुबोध उनियाल और पौड़ी लोकसभा क्षेत्र के दिलीप रावत, विनोद कंडारी, मुकेश कोली सहित तमाम भाजपा विधायक शामिल थे।

कर्नल कोठियाल से टक्कर !

इस सीट पर भाजपा से टिकट के प्रबल प्रत्याशी माने जा रहे कर्नल अजय कोठियाल ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला करके मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है।

माना जा रहा है कि कर्नल कोठियाल भाजपा के साथ माने जा रहे फौजी वोट बैंक पर भी तगड़ी सेंधमारी करेंगे। कोठियाल 25 तारीख को नामांकन करने जा रहे हैं।

रानी की राह का रोड़ा बनेंगे गौभक्त !

माला राज्य लक्ष्मी शाह के नामांकन के दौरान स्वयं मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सहित देहरादून के मेयर और तमाम अन्य भाजपा नेता और टिहरी लोकसभा क्षेत्र के तमाम विधायक भी शामिल थे।

गौ भक्त और कथा वाचक गोपाल मणि ने भी आज नामांकन कराया है। धनोल्टी विधायक प्रीतम पंवार जी गोपाल मणि के नामांकन के दौरान साथ में रहे।

गोपाल मणि का कहना है कि भाजपा ने गाय और भारत की पौराणिक संस्कृति को बचाने का काम नहीं किया, इसलिए उन्हें इस लड़ाई में आना पड़ा।

निर्दलीय विधायक प्रीतम पंवार के समर्थन ने महारानी की राह थोड़ा मुश्किल कर दी है। कारण यह है कि धनोल्टी और यमुनोत्री विधानसभा सीट पर प्रीतम पंवार का काफी प्रभाव है।

इससे पहले प्रीतम यमुनोत्री विधानसभा से विधायक रहे हैं तो वर्तमान में वह धनोल्टी विधानसभा से विधायक हैं। ऐसे में गोपाल मणि के पक्ष मे भाजपा और प्रीतम पंवार के कार्यकर्ता जुटने से रानी को मुश्किलों से ही दो-चार होना पड़ेगा।

गोपाल मणि के समर्थक अधिकांशतः भाजपा के समर्थक रहे हैं, ऐसे में गोपाल मणि के चुनाव मैदान में उतरने से भाजपा को क्या नुकसान हो सकता है, यह भी देखने वाली बात होगी।

हरिद्वार मे सपा-बसपा की गुटबाजी से कांग्रेस को राहत

हरिद्वार में सपा बसपा गठबंधन के प्रत्याशी अंतरिक्ष सैनी ने भी नामांकन करा दिया है। हालांकि इस नामांकन के दौरान हुई सपा बसपा में काफी गुटबाजी देखी गई।

 जुलूस के दौरान सपा और बसपा दोनों के कार्यकर्ता जोर शोर से नारेबाजी कर रहे थे तो वहीं ऐन नामांकन के वक्त अंतरिक्ष सैनी के साथ बसपा के ही कार्यकर्ता मौजूद रहे, जबकि सपा के कार्यकर्ता ठगे से रह गए।

अंतरिक्ष सैनी के इस नामांकन जुलुस की रूपरेखा बनाने वाले रणनीतिकारों ने सपा को साथ में लेने की जरूरत नहीं समझी, अथवा उन्हें लगा कि इससे उनको सियासी नुकसान हो सकता है। सपा बसपा के गठबंधन से डरी कांग्रेस को इस गुटबाजी से क्या नफा-नुकसान होता है, यह भी देखने वाली बात होगी।

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