वीडियो में आप साफ देख सकते हैं कि महिलाएं भाजपा विधायक गणेश जोशी को तिलक लगा रही है और विधायक साहब उनके कर कमलों पर नोट थमा रहे हैं। यह अलग बात है कि जो जो कर कमल नोट थाम रहे हैं, उनमें से कितने हाथ कमल का बटन दबाते हैं !
वीडियो पर्वतजन को उपलब्ध कराने वाले सज्जन का कहना है कि विधायक जी नोट देकर वोट खरीदने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
चुनाव आयुक्त चंद्रशेखर भट्ट ने कहा कि “इस वीडियो की जांच कराई जाएगी।” वह तत्काल “जिला अधिकारी को जांच के लिए कह रहे हैं।”
विधायक गणेश जोशी से जब नोट बांटने का कारण पूछा गया तो उनका कहना था कि आप कुछ भी छापने को स्वतंत्र हो।” छठ पूजा में जब बहनें तिलक लगाती हैं तो भाई पैसे तो देता ही है और वह पहले से ही ऐसा करते आए हैं।”
अहम सवाल यह है कि यदि विधायक गणेश जोशी बहनों को तिलक लगाने वाला तर्क दे रहे हैं तो सार्वजनिक स्थान पर सैकड़ों महिलाओं को पैसे बांटकर और तिलक लगाकर आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं या नहीं यह देहरादून के जिला अधिकारी और निर्वाचन आयुक्त को तय करना है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के तमाम ओएसडी और पीआरओ खुलेआम चुनावी बैठकें आयोजित कर रहे हैं और निकाय चुनाव में प्रचार प्रसार कर रहे हैं।
इससे भी पहले मुख्यमंत्री निवास को चुनाव प्रबंधन के वार रूम के रूप में इस्तेमाल होने की खबरें भी पर्वतजन प्रकाशित कर चुका है।