शराब ठेकेदारों की होगी संपत्ति नीलाम। कटेगी आरसी

आबकारी अधिकारियों की मिलीभगत से शराब के ठेकेदारो लगाया सरकार को 8 करोड़ का चूना।शराब ठेकेदारों की संपत्ति होगी नीलाम,4 ठेकेदारों की कटी आरसी

अनुज नेगी
पौड़ी । उत्तराखंड सरकार का सबसे कमाऊ विभाग आबकारी विभाग है जिसमे विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत के राजस्व को करोड़ों का चूना लग रहा है।
जनपद पौड़ी मे शराब की खुली 41 दुकानों के ठेकेदारों ने सरकार को मिलने वाले करोड़ों रुपये दबा लिए जाने के बावजूद खुलेआम चल रही है। शराब के ठेकेदार अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों रुपये का चूना लगा रहे हैं। इससे सरकार माली हालत के दौर से गुजर रही है।
पौड़ी जनपद में 40 शराब दुकानो पर 8 करोड़ का बकाया चल रहा है, नियमानुसार फरवरी तक सरकार को मिलने वाला करोड़ों रुपये का अधिभार जमा हो जाना चाहिए, लेकिन कुछ शराब के ठेकेदारों द्वारा अभी तक बकाया 8 करोड़ का अधिभार जमा नहीं किया गया है,जिनमे से 4 शराब ठेकेदारो की आरसी कट चुकी है।
अधिभार जमा नही होने से सरकार को करोड़ों रुपए का मिलने वाला राजस्व ही प्राप्त नहीं हुआ है। जिससे सरकार को भी माली हालत के दौर से गुजरना पड़ रहा है। जिसके कारण कई विभागों के कर्मचारियों को तनख्वाह तक भी नहीं मिल पा रही है।मिली जानकारी के अनुसार यह अधिभार फरवरी तक जमा हो जाना था, दिसंबर,जनवरी,फरवरी माह बीत गया है। लेकिन ठेकेदार यह आठ करोड़ का अधिभार जमा नहीं कर रहे हैं। क्योंकि उन्हें आबकारी विभाग के अधिकारियों का वरदहस्त प्राप्त है।
जिले के आबकारी अधिकारी तपन कुमार से जब इस संबंध में बातचीत की गई तो उनका कहना था कि जिन दुकानदारों द्वारा अधिभार जमा नहीं किया गया है ,उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही के चलते नोटिस काट दिए गए हैं,और 4 दुकानों को केंसिल कर दी है और उन चारों ठेकेदारो की रारसी कट गई है,और बाकी को चेतावनी दी है, कि वह उक्त अधिभार को तत्काल जमा करवा दें ।अधिभार जमा ना होने की स्थिति में उनकी दुकानों को बंद करवा दिया जाएगा। तपन कुमार का यह भी कहना है नियमानुसार यह अधिभार हर महीने जमा किया जाता है लेकिन समय पर दुकान के ठेकेदारों द्वारा जमा न किये जाने के बाद उनसे 18 प्रतिशत ब्याज लिए जाने का प्राविधान भी है। लेकिन उसके बावजूद भी ठेकेदार अपनी सुविधानुसार इस अधिकार को जमा करवाते हैं जबकि सूत्र बताते हैं की वर्ष 2018 का ठेकेदारों पर 1 करोड़ से अधिक ब्याज का बकाया चल रहा है ।जिसे विभाग वसूल नहीं कर पाया है।जिससे सरकार को हर वर्ष शराब के कारण मिलने वाले राजस्व का नुकसान हो रहा है लेकिन संबंधित विभाग नोटिस की कार्रवाई कर मात्र खानापूर्ति कर अपने काम की इतिश्री कर रहा है।

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