सीमा पर एक और सपूत शहीद 

उत्तराखंड का एक और लाल योगेश परगाई  नक्सलियों के हाथों नागालैंड में जान गंवा बैठा।
 नैनीताल निवासी योगेश की उम्र मात्र 22 साल थी। मूल रूप से नैनीताल के भद्र कोट गांव निवासी योगेश का परिवार वर्तमान में हल्द्वानी के बिठोरिया क्षेत्र में रहता है। परिजनों में योगेश की शहादत की खबर सुनकर मातम का माहौल है। 4 कुमाऊं रेजीमेंट में तैनात योगेश असली हमले के समय नागालैंड के जखामा क्षेत्र में ड्यूटी कर रहे थे।
 आसपास के लोगों के साथ ही नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने भी उनके घर पर जाकर परिजनों को ढांढस बंधाया। परगांई का पार्थिव शरीर कल तक हल्द्वानी पहुंच जाएगा।
 3 बहनों और 5 भाइयों में सबसे छोटा योगेश सब का दुलारा था। जब योगेश मात्र 5 वर्ष के थे  तो उन के पिता चंद्र सिंह परगाई का  इंतकाल हो गया था।

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