आठ साल पहले टूटी पेयजल लाइन। फिर नही बनी।पानी का संकट

सुनील सजवाण/टिहरी उत्तराखंड के कई गांव  इन दिनों गर्मियों की शुरुआत से ही  पेयजल संकट से जूझने लगे हैं टिहरी जिले के अंतर्गत धनोल्टी विधानसभा के विकासखंड जौनपुर के अंतर्गत दशजुला पट्टी का मैड मल्ला गांव इन दिनों पेय जल के संकट से जूझ रहा है।  ग्रामीण 2 से 3 कि. मी. की पैदल दूरी […]

सुनील सजवाण/टिहरी
उत्तराखंड के कई गांव  इन दिनों गर्मियों की शुरुआत से ही  पेयजल संकट से जूझने लगे हैं टिहरी जिले के अंतर्गत
धनोल्टी विधानसभा के विकासखंड जौनपुर के अंतर्गत दशजुला पट्टी का मैड मल्ला गांव इन दिनों पेय जल के संकट से जूझ रहा है।
 ग्रामीण 2 से 3 कि. मी. की पैदल दूरी तय करके दूसरे गांव या पानी के धारे (खुले स्रोत) से पानी लाने को मजबूर हैं।
  8 साल से गांव की पेयजल लाईन क्षतिग्रस्त है, जिस कारण ग्रामीण नजदीकी पानी के श्रोत से पानी लाते हैं किन्तु गर्मी के मौसम के समय यह श्रोत सूख जाता है और गांव को तीन कि. मी. दूर के श्रोत या बगल के गांव कण्डाल गांव से पेयजल पैदल चलकर लाना पड़ता है। गांव मे पशुओं की मात्रा भी ज्यादा है। जिस कारण पशुओं के लिए भी गांव वाले खुद पानी लाने को मजबूर है। गांव वालों का कहना है कि कई बार शासन प्रशासन को इस बारे में बताया जा चुका है फिर भी ध्यान नही दिया जा रहा है।
 गांव मे लोग पेयजल संकट के कारण दिन भर अपने व पशुओ के लिए दूर से पैदल चलकर पानी ला रहे हैं, जिस कारण वे लोग अपने अन्य कार्यो को कर ही नही पा रहे हैं। गांव वालों का कहना है कि उन्हें कपड़े धोने, नहाने के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण कई बार लिखित व मौखिक रूप से जिला अधिकारी टिहरी व सरकार को अवगत करा चुके हैं।

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