पुरोला के करड़ा में पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त, संकट में ग्रामीण

नीरज उत्तराखंडी जनपद उत्तरकाशी के विकास खण्ड पुरोला के ग्राम पंचायत करड़ा में पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से जल आपूर्ति ठप होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पेयजल आपूर्ति बाधित होने से ग्रामीण 1किमी दूर प्राकृतिक स्रोत से पानी ढोने को मजबूर है। ग्रामीणों ने शीघ्र पेयजल आपूर्ति बहाल […]

नीरज उत्तराखंडी

जनपद उत्तरकाशी के विकास खण्ड पुरोला के ग्राम पंचायत करड़ा में पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से जल आपूर्ति ठप होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पेयजल आपूर्ति बाधित होने से ग्रामीण 1किमी दूर प्राकृतिक स्रोत से पानी ढोने को मजबूर है। ग्रामीणों ने शीघ्र पेयजल आपूर्ति बहाल न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
ग्रामीणों का कहना है कि करड़ा ग्राम पंचायत की वर्षों पुरानी पेयजल योजना गत कई वर्षों से क्षतिग्रस्त हो रखी है। पाइपों पर जंग लगने, लिक होने एवं स्रोत क्षतिग्रस्त होने से गाँव तक पानी नहीं पहुँच रहा है।
करडा गाँव में लगभग 100परिवार रहते है।ग्रामीण इस संबंध में कई बार विभागीय अधिकारियों को बता चुके है लेकिन कोई भी कार्रवाई न होने पर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। विभाग की लापरवाही तथा गैरजिम्मेदाराना रवैये के चलते ग्रामीण एक किमी दूर प्राकृतिक स्रोत से पानी ढो रहे है। जहाँ ग्रामीणों को बारी बारी से पानी भरना पड़ता है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में शीघ्र पेयजल लाइन की मरम्मत कर जल आपूर्ति बहाल करने की मांग की है तथा मांग में शीघ्र अमल न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। ज्ञापन में हरिमोहन डोटियाल,दीवान सिंह, गोपाल सिंह, चैन सिंह आदि के हस्ताक्षर है।


वहीं दूसरी ओर खलाड़ी छानी में भी पेयजल की किल्लत बनी हुई है। ग्राम प्रधान जगत सिंह रावत ने शीघ्र पेयजल योजना न बदलने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। अधिशासी अभियंता एस एस रावत ने बताया कि करड़ा स्रोत में पानी कम होने के कारण दिक्कत हो रही है। खलाड़ी छानी में एक क्षेत्र में अधिक कनेक्शन होने के कारण दूसरे क्षेत्र में समस्या हो रही है शीघ्र इसका समाधान किया जाएगा।

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