आरटीआइ खुलासा:सेंटर ने भेजे सवा छह करोड़।महकमा दबा कर भूल गया।

 कृष्णा बिष्ट 
एक तरफ तो उत्तराखंड के मेडिकल कालेज पैसे की कमी का रोना रोकर सरकार से गुहार करते रहते हैं, और अगर सरकार सुविधाओं को उपलब्ध करवाने के लिये मेडिकल कालेज को सरकार अगर धन उपलब्ध करवा दे तो उस धन को खर्च करने के बजाये संस्थान उपलब्ध धन पर तब तक कुंडली मारे बैठा रहता है, जब तक वह लैप्स होकर वापस न चला जाये !
इसी प्रकार का एक प्रकरण आर.टी.आई कार्यकर्ता हेमंत गोनिया प्रकाश मे लाए हैं, जिसके मुताबिक “दून मेडिकल कालेज” व “हल्द्वानी मेडिकल कालेज” को वर्ष 2017 मे केंद्र सरकार द्वारा “बर्न यूनिट” स्थापित करने के लिये कुल 6,23,70,000 (छह करोड़ तेइस लाख सत्तर हज़ार) की धनराशि उपलब्ध करवाई गई थी। किन्तु लगभग एक वर्ष बीत जाने के बावजूद संसथान द्वारा उपलब्ध धनराशि का अभी तक इस्तेमाल ही नही किया गया है !
इस बाबत जब हमने प्रदेश के चिकित्सा निदेशक डॉ.आशुतोष सयाना से बात की तो उनका कहना था कि  हल्द्वानी में तो जमीन तलाश ली गई है और डीपीआर बनाई जा रही है जबकि देहरादून में अभी यह प्रोसेस शुरू की जा रही है। डाक्टर सयाना का कहना था कि वह केंद्र से मिले इस धन को पीएलए    खाते में डलवा देंगे, फिर यह धनराशि लैैैप्स नहीं होगी।
इसी सम्बन्ध मे जब हमने हल्द्वानी मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. सी.पी. भैंसोडा से बात की तो उनका भी यही कहना  था।
 उनके अनुसार  “बर्न यूनिट” के लिये जल निगम द्वारा डी.पी.आर बननी है। रही बात पैसे के आवंटन की तो वह हल्द्वानी मेडिकल कालेज को दो–तीन माह पूर्व ही प्राप्त हुआ है।

📢 खबरों को सबसे पहले पाने के लिए पर्वतजन को फॉलो करें

👉 WhatsApp Channel Join करें 👉 WhatsApp Group Join करें 📲 App Download करें

Related Posts