भारतीय जनता पार्टी के नेता इन दिनों ऑडियो और वीडियो के बीच में इस कदर उलझ कर रह गए हैं कि हर दिन ऐसे बयान लोगों के सामने आ रहे हैं जो न सिर्फ सरकार के लिए असहज हैं बल्कि उत्तराखंड में भाजपा के संगठन के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण हैं। गैरसैंण मे अजय भट्ट ने राजधानी बनाने की बात कही थी, लेकिन गैरसैण में ही नगर निकाय के चुनाव में भाजपा का प्रत्याशी हार गया। अजय भट्ट के बयान को इसी बौखलाहट का नतीजा भी माना जा रहा है।देखिए वीडियो
https://youtu.be/gKYbMm7FQrk
इस वीडियो में अजय भट्ट गैरसैण में विधानसभा सत्र ना होने पर ऐसी सफाई दे रहे हैं जिससे अजय भट्ट खुद घिर गए हैं। विधान सभा चुनाव 2017 के चुनाव प्रचार के दौरान गैरसैण को स्थाई राजधानी बनाने की घोषणा करने वाले अजय भट्ट अब गैरसैंण शहर में विधानसभा सत्र तक के पक्ष में नहीं हैं।
देखिए वीडियो
https://youtu.be/c8a_f1KH2eo
उनका कहना है कि गैरसैंण में जब तक चपरासी से लेकर ड्राइवर तक के लिए बेहतरीन व्यवस्था ना हो जाए वहां सत्र आयोजित करने का कोई औचित्य नहीं है। एक ओर प्रदेश में अस्थाई राजधानी देहरादून और स्थाई राजधानी के बीच का झगड़ा नहीं सुलझ रहा है। पर्वतीय राज्य की राजधानी पर्वतीय क्षेत्र में होनी चाहिए इस तरह की बातें करने वाले अजय भट्ट अब गैरसैंण में विधानसभा सत्र पर जिस प्रकार की सफाई दे रहे हैं वह वास्तव में गंभीर है।

ज्ञात रहे कि अजय भट्ट इससे पहले भी गैरसैण के बारे में इतने विरोधाभासी बयान दे चुके हैं कि कोई उनके बयानों को उठाकर उन्हीं को सौंप दें तो वह खुद भी स्पष्ट न कर पाएं कि कब वह गैरसैण के पक्ष में थे और कब उन्होंने गैरसैंण में बेहतर इंतजाम होने तक विधानसभा सत्र ना होने तक की बात कही है !
बहरहाल अजय भट्ट के इस नए बयान से सरकार की एक बार फिर किरकिरी होना तय है।




