कार्रवाई: डीएम के निर्देश पर तीन दर्जन क्लीनिक-अस्पताल सील

हरिद्वार में एनिस्थीसिया दे रहे थे झोलाछाप! कार्रवाई से मचा हड़कंप

कुमार दुष्यंत
हरिद्वार:जिलाधिकारी के निर्देश पर जनपद में झोलाछाप व फर्जी डिग्री धारी डाक्टरों के खिलाफ चल रहे अभियान से गांवों व कस्बों में छिपे बैठे ऐसे मौत के सौदागरों में हड़कंप है।एसडीएम, तहसीलदार व स्वास्थय अधिकारियों की निगरानी में कल दिनभर चली छापेमारी में जिले में ऐसे तीन दर्जन से अधिक क्लीनिक व निजी अस्पताल सील किये गये।

हरिद्वार, रुड़की, झबरेडा, लक्सर में अचानक  हुई इस कार्रवाई से ऐसे दर्जनों कथित डाक्टरों का खुलासा हुआ,जिनका न तो स्वास्थ्य विभाग में कोई पंजीकरण है व न ही जिनके पास कोई लाईसेंस!

कुछ क्लीनिक संचालक तो स्कूली प्रमाणपत्र भी अधिकारियों को नहीं दिखा सके।यही नहीं सरकारी अस्पतालों में जहां एनेस्थीसिया विशेषज्ञों का टोटा है।वहीं यह बिना डिग्रीधारी मरीजों को धड़ल्ले से एनीस्थीसिया का प्रयोग करते हुए भी मिले।

एसडीएम कौस्तुभ मिश्र, मनीष सिंह, तहसीलदार सुनैना राणा के नेर्तत्व में चले इस छापामार आपरेशन में रुडकी में पैंतीस व हरिद्वार में तीन क्लीनिक सील किये गये।हरिद्वार में एक पूर्व सभासद बिना वैध डिग्री के लोगों को एलौपेथी दवाएं देता मिला।इस क्लीनिक पर इंजैक्शनों का निस्तारण भी सही ढंग से न होने पर प्रशासनिक टीम ने इस क्लीनिक को सील कर दिया।पास ही स्थित सार्थक क्लीनिक में प्रतिबंधित दवाओं का प्रयोग होने पर उसे भी सील कर दिया गया।इस छापेमारी से क्लीनिक संचालकों में ऐसा हडकंप मचा कि मंशा देवी, हरकीपैडी के बीच शहरियों का ट्रिटमैंट कर रहा एक बीएएमएस चिकित्सक टीम के आने की सूचना पर क्लीनिक छोड़कर भाग खड़ा हुआ।

प्रशासनिक टीम ने इन सभी संदिग्ध चिकित्सकों के क्लीनिक सील कर उन्हें निर्धारित समय में वैध दस्तावेज सीएमओ के समक्ष प्रस्तुत करने के नोटिस थमा दिये हैं।इसके बाद इनके खिलाफ कानून सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

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