बिना टैक्स वाले माघ मेले के व्यापारियों के खिलाफ नगर के व्यापारी !

नहीं बढ़ाई जाएगी माघ मेले की अवधि।व्यापार मंडल ने जताया विरोध

 गिरीश गैरोला

मकर संक्रांति से शुरू होकर एक सप्ताह तक चलने वाला उत्तरकाशी माघ मेले की अवधि आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। व्यापार मंडल उत्तरकाशी ने  माघ मेले के व्यवसायीकरण को लेकर चिंता जताते हुए जिला पंचायत और डीएम उत्तरकाशी को ज्ञापन प्रेषित किया है।  व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष सुभाष बडोनी और नगर महा मंत्री अंकित उप्पल ने कहा है कि विगत कुछ वर्षों से माघ मेले की अवधि बढ़ाने की कोशिश की जाती रही है , उसका इस बार भी व्यापार मंडल पुरजोर विरोध करेगा।  उन्होंने आरोप लगाया दुकानों के आवंटन में कालाबाजारी के बाद घाटे का रोना रोकर माघ मेले की अवधि बढ़ाए जाने की मांग की जाती है । व्यापार मंडल ने इस प्रवृत्ति का सख्त विरोध करते हुए कहा है कि जीएसटी और अन्य टैक्स देय हैैं। नगर के व्यापारी खाली बैठे हैं और बिना टैक्स के सामान बेचकर मेले में आए व्यापारी चांदी काट रहे हैं ।

माघ मेले के बाद करीब एक महीने तक बाजार में बेहद सुस्ती रहती है क्योंकि वर्ष भर की कमाई ग्रामीण मेले में खर्च कर देते है । माघ मेले के बाजारीकरण से स्थानीय व्यापारियों का नुकसान तो है ही सरकारी राजस्व को भी जमकर चूना लगाया जाता है। उत्तरकाशी का पौराणिक माघ मेला अपनी सांस्कृतिक विरासत भूल कर महज व्यापार से कमाई का साधन भर रह गया है।

पूर्व के वर्षों में 26 जनवरी की पुलिस परेड भी इसी मैदान में सम्पन्न होती थी जो इस मेले के चलते अब पुलिस लाइन उत्तरकाशी में ही की जाती है किंतु पुलिस लाइन शहर से दूर होने के कारण शहर का आम नागरिक वहां परेड देखने नही जा पाता है।  व्यापारियों ने मांग की है कि 26 जनवरी की परेड इसी रामलीला मैदान में संपन्न कराए जाएं।

📢 खबरों को सबसे पहले पाने के लिए पर्वतजन को फॉलो करें

👉 WhatsApp Channel Join करें 👉 WhatsApp Group Join करें 📲 App Download करें

Related Posts