भेदभाव :दो मेडिकल कालेजों को भाव और एक से भेद !

कुलदीप एस. राणा
देहरादून। तीन माह से वेतन के सूखे से पीड़ित राजकीय दून मेडिकल कालेज के कर्मचारियों  के लिए सोमवार की बारिश कुछ सुकून देने वाली रही।  चिकित्सा शिक्षा सचिव नितेश झा द्वारा सोमवार को दून मेडिकल कालेज में अपनी सेवाएं दे रहे प्रिंसिपल ,प्रोफेसर्स से लेकर अन्य  विभागीय कर्मचारियों के लिए व्यावसायिक व विशेष सेवाओं के भुगतान हेतु 14 करोड़ रुपये सहित अन्य खर्चों के लिए 22करोड़ 42 लाख 16 हजार रुपये का बजट आवंटित कर दिया गया ।
मेडिकल कालेज की स्थापना के समय हुई खामियों का खामियाजा भुगत रहे दून मेडिकल कालेज के समस्त कर्मचारी वेतन के लिए महीनों तक शासन का मुंह ताकने को मजबूर रहते हैं, जबकि श्रीनगर एवं हल्द्वानी मेडिकल कालेज में स्थिति इसके उलट है।
इन दोनों मेडिकल कालेजों के समस्त स्टाफ व संविदा पर रखे गए प्रॉफेसर्स व अन्य आउटसोर्स कर्मियों  को वेतन के बजट का भुगतान वित्तीय वर्ष के आरंभ में ही बजट के मानक मद ’01/वेतन’  से कर दिया जाता है, वहीं राजधानी में स्थित दून मेडिकल कालेज के कर्मियों के लिए वेतन मद भुगतान की स्थिति इसके उलट है।
 संविदा पर रखे गए प्रॉफेसर्स से लेकर आउटसोर्स कर्मियों के भरोसे चल रहे राजधानी के दून मेडिकल कालेज के समस्त स्टाफ को वेतन का भुगतान मानक मद ’16’ से किया जाता है। जिसके अंतर्गत व्यावसायिक एवं विशेष सेवाओं का भुगतान सुनिश्चित होता है।
शासन की इस एक खामी से सूबे के अन्य दो मेडिकल कालेजों के स्टाफ से इतर दून मेडिकल कालेज के स्टाफ को वेतन के लिए महीनों तक इंतजार करने को मजबूर होना पड़ता है।
सरकार और शासन की यह तमाम लापरवाहियां दून मेडिकल कालेज के टीचिंग स्टाफ द्वारा नौकरी छोड़ जाने का बड़ा कारण रही हैं ।
हालांकि चिकित्साशिक्षा की कमान नितेश झा के पास आने से विभागीय खामियों को दूर करने की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इन्ही कदमों को देखते हुए दून मेडिकल कालेज के कर्मचारियों को कुछ आस बंधती नज़र आ रही है। कि शायद अगले वित्तीय वर्ष से उन्हें वेतन के लिए तरसना न पड़े।

📢 खबरों को सबसे पहले पाने के लिए पर्वतजन को फॉलो करें

👉 WhatsApp Channel Join करें 👉 WhatsApp Group Join करें 📲 App Download करें

Related Posts