Champawat Leopard Attack: खेत में काम कर रही 17 साल की किशोरी पर गुलदार का हमला। गंभीर घायल

चंपावत (लोहाघाट): उत्तराखंड के चंपावत जिले के लोहाघाट तहसील क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां खेत में गेहूं काटने गई 17 वर्षीय किशोरी पर गुलदार (लेपर्ड) ने हमला कर दिया। इस हमले में किशोरी गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया है। घटना […]

चंपावत (लोहाघाट): उत्तराखंड के चंपावत जिले के लोहाघाट तहसील क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां खेत में गेहूं काटने गई 17 वर्षीय किशोरी पर गुलदार (लेपर्ड) ने हमला कर दिया।

इस हमले में किशोरी गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया है। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।

खेत में काम के दौरान हुआ हमला

जानकारी के मुताबिक, बाराकोट ब्लॉक के मऊ (चौमेल) क्षेत्र में बुधवार शाम ज्योति अधिकारी (17 वर्ष) अपने घर के पास खेत में गेहूं काट रही थी। इसी दौरान अचानक गुलदार ने उस पर हमला कर दिया। हमले में किशोरी के गले और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं।

घायल ज्योति, कल्याण सिंह अधिकारी की पुत्री है और कक्षा 12 की छात्रा बताई जा रही है। परिजनों और ग्रामीणों की मदद से उसे तुरंत उपजिला चिकित्सालय लोहाघाट ले जाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

डीएम ने अस्पताल पहुंचकर लिया जायजा

घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी चंपावत मनीष कुमार उपजिला चिकित्सालय लोहाघाट पहुंचे और घायल किशोरी का हालचाल जाना।

उन्होंने डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए और परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।

घटना के बाद प्रशासन ने तुरंत एक्शन लेते हुए वन विभाग को घटनास्थल के आसपास पिंजरा लगाने के निर्देश दिए हैं, ताकि गुलदार को पकड़ा जा सके।

साथ ही ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी जरूरी कदम उठाने को कहा गया है।

इलाके में दहशत, पहले भी हो चुके हैं हमले

इस घटना के बाद गांव में डर का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में पहले भी गुलदार की गतिविधियां देखी गई हैं।

मार्च 2026 में भी लोहाघाट ब्लॉक के धोनी शिलिंग गांव में एक महिला पर लेपर्ड ने हमला किया था, जिसमें वह घायल हो गई थी।

इसके अलावा काशीपुर के रिहायशी इलाकों में भी तेंदुए की दस्तक से लोगों में भय बना हुआ है।

डॉक्टरों ने क्या कहा?

उपजिला चिकित्सालय के डॉक्टर विराज राठी के अनुसार, किशोरी के गले और मुंह पर गंभीर चोटें आई हैं, लेकिन फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लगातार बढ़ रही वन्यजीव-मानव संघर्ष की घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं।

प्रशासन और वन विभाग के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

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