अपडेट:तीन दिन बीत जाने के बाद भी नहीं हुए गिरफ्तार बदमाश खनन माफिया

रिपोर्ट /सलमान मलिक पर्वतजन ने शुक्रवार (19 मार्च) को पत्रकारों से मारपीट और अपहरण की न्यूज़ प्रकाशित की थी | जिसमे अपहरण लूट व अन्य गंभीर धाराओं में खनन माफियाओं पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है| मंगलौर कोतवाली क्षेत्र में रात के अंधेरे में अवैध खनन चल रहा था| जिसके दौरान वहाँ पहुंचे पत्रकारों […]

रिपोर्ट /सलमान मलिक
पर्वतजन ने शुक्रवार (19 मार्च) को पत्रकारों से मारपीट और अपहरण की न्यूज़ प्रकाशित की थी | जिसमे अपहरण लूट व अन्य गंभीर धाराओं में खनन माफियाओं पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है| मंगलौर कोतवाली क्षेत्र में रात के अंधेरे में अवैध खनन चल रहा था| जिसके दौरान वहाँ पहुंचे पत्रकारों के साथ मारपीट की गयी व  गन प्वाइंट पर लेकर अपहरण  किया गया | 

पत्रकारों को गन प्वाइंट पर लेकर अपहरण करने वाले बदमाश खनन माफिया अभी तक पुलिस की गिरफ्त में नहीं आये है | पत्रकारों पर हुए हमले से देवभूमि के पत्रकारों में भारी रोष है| एसपी देहात परमेन्द्र सिंह डोभाल के आदेशों पर फरार माफियाओं के घरों में दबिश दी जा रही है| हालांकि जांच के दौरान पुलिस को पता लगा है कि, भूस्वामी की ओर से 850 डंपर मिट्टी अवैध रूप से अपनी भूमि पर डलवाई गई है|  जिसकी रिपोर्ट पुलिस ने उच्चाधिकारियों को सौंप दी है| 

क्या है पूरा मामला :-

उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के खनन माफिया बड़ी ही दबंगई के साथ बेखौफ होकर अवैध खनन कर रहे हैं। ऐसे में बुधवार की देर शाम रुड़की स्टेशन पर काम करने वाले चार इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार सूचना पर मंगलौर में ईदगाह रोड पर हो रहे अवैध खनन की कवरेज करने पहुंच गए| जैसे ही पत्रकारों के द्वारा मौके पर पहुंचकर पुलिस को सूचना देने के लिए फ़ोन निकाला गया मौके पर मौजूद डेढ़ दर्जन खनन माफियाओं के द्वारा पत्रकारों को जमकर पीटना शुरू कर दिया |जिसमें दो पत्रकार मौके से फरार हो गए। एक पत्रकार ने खनन माफिया से बचने के लिए तालाब में छलांग लगा दी तो वहीं दूसरे पत्रकार ने भागकर खनन माफियाओं से अपनी जान बचाई| जिसके बाद भागने वाले एक पत्रकार ने पुलिस के उच्च अधिकारियों समेत 100 नंबर पर पूरे घटनाक्रम की सूचना दी। 

वहीं खनन माफियाओं की दबंगई यहां भी कम नहीं हुई। खनन माफियाओं ने दो पत्रकारों को मौके से घसीटते हुए बेरहमी से बेल्ट और डंडे से पीटने के बाद अपनी स्कॉर्पियो में बंधक बनाकर डाल दिया और पिस्टल की नोक पर उत्तर प्रदेश की तरफ चल पड़े। मौके पर सूचना पर स्थानीय पुलिस पहुंची और उसके बाद खनन माफियाओं का पीछा शुरू किया गया|  जिसके बाद खनन माफियाओं के द्वारा बंधक बनाए गए दोनों पत्रकारों को नारसन बॉर्डर से आगे पुरकाजी बाईपास पर अधमरी हालत में छोड़ दिया गया| 

 जिसके बाद पत्रकार गंभीर अवस्था में ही नारसन चौकी पहुंचे और उन्होंने भी पुलिस को जानकारी दी|  जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। यही नहीं खनन माफियाओं पर लूटपाट मारपीट की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। 

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