बिग ब्रेकिंग: कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले..

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज सचिवालय में हुई उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक में कुल 8 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें महिला सशक्तिकरण, चिकित्सा शिक्षा, और यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) नियमावली से जुड़े अहम फैसले शामिल हैं।

1. मिनी आंगनबाड़ी केंद्र अब बनेंगे पूर्ण आंगनबाड़ी केंद्र

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के तहत संचालित मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों को पूर्ण आंगनबाड़ी केंद्र में तब्दील करने के प्रस्ताव को केंद्र सरकार से सहमति मिल गई है। इससे राज्यभर में हजारों महिलाओं को लाभ मिलेगा।

2. सुपरवाइजर नियमावली में संशोधन

कैबिनेट ने सुपरवाइजर नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी है।
अब 50% पद आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से ही भरे जाएंगे, जिससे महिलाओं को पदोन्नति और बेहतर अवसर मिलेंगे।

3. रायपुर विधानसभा क्षेत्र में ‘फ्री जोन’ में छूट

रायपुर में बनने वाली विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले फ्री जोन इलाकों में मकान और छोटी दुकान बनाने की अनुमति दे दी गई है। इससे आम जनता को राहत मिलेगी।

4. स्वास्थ्य कार्यकर्ता और परिवेक्षक नियमावली में संशोधन

चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्वास्थ्य कार्यकर्ता और स्वास्थ्य परिवेक्षक नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी गई है।
अब कर्मचारियों को एक बार ट्रांसफर (तबादले) में छूट मिलेगी, जिससे विभागीय लचीलापन बढ़ेगा।

5. UCC नियमावली में आंशिक संशोधन

यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) नियमावली में भी आंशिक संशोधन किया गया है।
अब नेपाल और भूटान के नागरिकों के लिए शादी होने पर UCC पोर्टल पर आधार कार्ड के बजाय विदेशी पंजीकरण के आधार पर भी पंजीकरण किया जा सकेगा।

6. राज्य स्थापना दिवस सत्र की तिथि तय करने का अधिकार मुख्यमंत्री को

कैबिनेट ने निर्णय लिया कि राज्य स्थापना दिवस (9 नवंबर) के अवसर पर होने वाले विधानसभा सत्र की तिथि तय करने का अधिकार मुख्यमंत्री को दिया गया है।

7.कर्मचारियों के हित में बड़ा फैसला

कार्मिक विभाग से जुड़े प्रस्ताव में राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है कि
कर्मचारियों को पूरे सेवाकाल में एक बार पदोन्नति में शिथिलीकरण का लाभ मिलेगा।
साथ ही, एक ही सेवा के दोनों पदों पर पदोन्नति का अवसर भी प्रदान किया जाएगा।

8. निगमों की लाभांश वितरण नीति में बदलाव

कैबिनेट ने राज्य निगमों की लाभांश वितरण नीति में भी संशोधन किया है।
अब सभी निगमों को कर पश्चात अर्जित लाभ का 15% हिस्सा राज्य सरकार को लाभांश के रूप में देना अनिवार्य होगा।

📢 खबरों को सबसे पहले पाने के लिए पर्वतजन को फॉलो करें

👉 WhatsApp Channel Join करें 👉 WhatsApp Group Join करें 📲 App Download करें

Related Posts