उधमपुर/रामनगर: जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में सोमवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया। रामनगर-उधमपुर मार्ग पर कघोटे इलाके में एक यात्री बस अनियंत्रित होकर करीब 70 से 80 फीट गहरी खाई में गिर गई। इस दर्दनाक हादसे में 10 से अधिक लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है, जबकि कई यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं। रफ़्तार के कहर ने 10 से अधिक लोगो की जिंदगी छीन ली ।
प्रारंभिक जांच में हादसे के पीछे दो बड़े कारण सामने आए हैं। एक तो बस तेज रफ्तार पर थी, इसके साथ ही बस ओवरलोडिंग (क्षमता से अधिक यात्री) भी थी ।
एक घायल यात्री ने मीडिया को बताया कि बस बहुत तेज गति से चल रही थी और कई लोग खड़े थे, जिससे संतुलन बिगड़ गया।
कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बस (नंबर JK14D-2121) सुबह रामनगर से उधमपुर की ओर जा रही थी। सुबह करीब 9:40 बजे, कघोटे इलाके में एक खतरनाक मोड़ पर चालक बस से नियंत्रण खो बैठा।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस तेज रफ्तार में थी और मोड़ काटते समय संतुलन बिगड़ गया, जिसके बाद बस सड़क से फिसलकर खाई में गिर गई और पलटकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
बताया जा रहा है कि बस में बड़ी संख्या में यात्री सवार थे, जिनमें सरकारी कर्मचारी,स्कूल-कॉलेज के शिक्षक और छात्र-छात्राएं भी शामिल थे। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस,ट्रैफिक पुलिस और SDRF (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल)की टीमें मौके पर पहुंचीं और युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
घायलों को कड़ी मशक्कत के बाद खाई से बाहर निकालकर एंबुलेंस के जरिए GMC उधमपुर भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।
मिली जानकारी के अनुसार , प्रधानमंत्री ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि “उधमपुर में बस हादसे की खबर बेहद दुखद है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदनाएं।”
साथ ही घोषणा की कि हादसे में मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 की सहायता दी जाएगी ।
प्रशासन अलर्ट, जांच जारी
हादसे के बाद से ही प्रशासन अलर्ट मोड पर है मृतकों और घायलों की सटीक संख्या की पुष्टि अभी जारी है । पुलिस ने हादसे की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और ओवरलोडिंग के खतरों को उजागर करता है। पहाड़ी इलाकों में तेज रफ्तार और लापरवाही किस तरह जानलेवा साबित हो सकती है, यह घटना इसका उदाहरण है।




