केंद्रीय मंत्री को लिखी स्वामी प्रशन्नानंद ने चिट्ठी। बांधों के प्राकृतिक स्वरूप से छेड़छाड़ न करने की मांग

उत्तरकाशी। प्रशन्नानंद गुरु श्री श्री आनंदमयी माता जी, गंगेश्वर मंदिर उत्तरकाशी ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को पत्र भेजकर मांग की है कि मनेरी डैम (प्रथम चरण मनेरी उत्तरकाशी) के गेट के प्राकृतिक चट्टान को यूजेवीएन लिमिटेड द्वारा तोड़े जाने से नुकसान को लेकर चिंता जताई है। प्रशन्नानंद गुरु श्री श्री ने […]

उत्तरकाशी। प्रशन्नानंद गुरु श्री श्री आनंदमयी माता जी, गंगेश्वर मंदिर उत्तरकाशी ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को पत्र भेजकर मांग की है कि मनेरी डैम (प्रथम चरण मनेरी उत्तरकाशी) के गेट के प्राकृतिक चट्टान को यूजेवीएन लिमिटेड द्वारा तोड़े जाने से नुकसान को लेकर चिंता जताई है।
प्रशन्नानंद गुरु श्री श्री ने पत्र में कहा है कि उनकी केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से फोन पर 20 अप्रैल 2020 को इस संबंध में वार्ता हो चुकी है। इसके बाद वह 10 मई को जिलाधिकारी उत्तरकाशी से भी इस संबंध में वार्ता कर चुके हैं।


उन्होंने मांग करते हुए कहा है कि स्थानीय ग्रामीणों के अनुरोध को ध्यान में रखते हुए चट्टान तोडऩे के कार्य पर पाबंदी लगाई जाए, जिससे किसी आपदा को होने से रोका जा सके। नुकसान को कम करने के लिए गंगा नदी पर यूजेवीएन लिमिटेड मनेरी द्वारा उच्च गुणवत्तायुक्त कंक्रीट वाली सुरक्षा दीवार भी फायदेमंद हो सकती है। प्रशन्नानंद ने मांग करते हुए कहा है कि प्राकृतिक संसाधनों से यदि डैम बनाते वक्त या फिर बाद में भी छेड़छाड़ होती है तो इससे आपदा आने का खतरा बना रहता है।


उन्होंने पर्वतजन को बताया कि पूर्व में भी उत्तराखंड में 2013 में आई आपदा इसी बात का द्योतक है। उन्होंने कहा कि जब-जब प्राकृतिक स्वरूपों से छेड़छाड़ होती रहेगी, तब-तब ऐसे नुकसान झेलने पड़ सकते हैं।


इसके अलावा प्रशन्नानंद गुरु श्रीरी आनंदमयी माता जी, गंगेश्वर मंदिर उत्तरकाशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर मनेरी में गंगेश्वर मंदिर के बाहर कंटीलेतार कार्य निर्माण गंगा तक पैदल संपर्क संपर्क मार्ग कार्य निर्माण एवं स्नान घाट निर्माण, टीनसेड कार्य निर्माण की मांग की है।
उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर मांग की है कि मनेरी बांध में गंगा किनारे गंगेश्वर महादेव मंदिर है। जिसके चारों ओर सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत कमजोर है। मंदिर से स्नानघाट में चेंजिंग रूप की भी बड़ी समस्या है। जिससे क्षेत्रवासियों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है।


प्रशन्नानंद गुरू श्री श्री ने बताया है कि इससे पहले वे टिहरी सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह को भी समस्या से अवगत करा चुके हैं। उनके द्वारा इस संबंध में आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन अब तक इस पर कोई कार्यवाही नहीं हो पाई है।
उन्होंने उक्त समस्या को ध्यान में रखते हुए इन निर्माण कार्यों के लिए धनराशि स्वीकृत कराने मांग की है।
इसके अलावा प्रशन्नानंद गुरु श्रीरी आनंदमयी माता जी, गंगेश्वर मंदिर उत्तरकाशी ने जामक कामर मोटर पुल की समस्या को लेकर भी प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर अवगत कराया है।


उन्होंने मांग की है कि ग्राम जामक कामर के वासियों के लिए मोटर पुल न होने से ग्रामवासियों को अपने गांव तक भारी वाहनों से आवश्यक सामग्री ले जाने में कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वर्तमान में ग्रामवासी मनेरी बांध से आवाजाही व आवश्यक सामान बांध के पुल से करते हैं। उन्होंने ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा है कि उक्त पुल की क्षमता इतनी नहीं है। वह 1991 के भूकंप से भी जीर्ण-शीर्ण हो चुका है। इस संबंध में भी वह टिहरी सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह को अवगत करा चुके हैं, लेकिन इस पर कोई कार्यवाही नहीं हो पाई।


उन्होंने ग्रामवासियों की समस्या को ध्यान में रखते हुए इस समस्या पर उचित कार्यवाही करने की मांग की है।
बताते चलें कि स्वामी प्रशन्नानंद गुरु श्री श्री उपरोक्त स्थानीय जनमुद्दों को समय-समय पर उठाते रहते हैं। जन समस्याओं के प्रति वे हमेशा चिंतित रहकर सामजिक गतिविधियों का निर्वहन करते रहे हैं। यही कारण है कि पूरे उत्तरकाशी जनपद में उनकी खूब सराहना होती है।

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