चहेतों पर अनुकम्पा की बरसात, नियमावली ताक पर रख गुपचुप तरीके से दरोगाओं को मिल रही मनचाही तैनाती

देहरादून:   कोरोना की आड़ में गुपचुप तरीके से विभाग में कई उपनिरीक्षकों और निरीक्षकों को गृह जनपद में अटैच और तैनात किया जा रहा हैं । एक और जहां उत्तराखंड पुलिस ग्रेड पे संशोधन को लेकर पशोपेश में है तो वही दूसरी और नियमावली ताक पर रख  रेगुलर और अभिसूचना दरोगाओं को दी जा रही […]

देहरादून:  

कोरोना की आड़ में गुपचुप तरीके से विभाग में कई उपनिरीक्षकों और निरीक्षकों को गृह जनपद में अटैच और तैनात किया जा रहा हैं ।

एक और जहां उत्तराखंड पुलिस ग्रेड पे संशोधन को लेकर पशोपेश में है तो वही दूसरी और नियमावली ताक पर रख  रेगुलर और अभिसूचना दरोगाओं को दी जा रही है गुपचुप तरीके से मनचाही तैनाती से अभिसूचना और पुलिस  विभाग सुर्खियों में है।

पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार जहाँ पुलिस को चुस्त-दुरूस्त करने और पुलिस की छवि को सुधारने में जी जान से लगे है । वही कई अधिकारी अपने चहेतों के लिए पुलिस स्थानांतरण नियमावली को ताक में रख कर रेगुलर पुलिस और अभिसूचना विभाग में अनुकम्पा की आड़ लेकर गुपचुप तरह से उपनिरीक्षक और निरीक्षकों को गृह जनपद में अटैच या तैनात करते जा रहे हैं ।

हलांकि नयी पुलिस स्थानांतरण नियमावली में कुछ अपवादों को छोड़कर इस प्रकार की तैनाती की रोक है।

पहले से अपने गृह तहसील और थाने में वर्षो से तैनात पुलिस और अभिसूचना के सिपाहीयों को पुलिस मुख्यालय के आदेश के बाद भी गृह थाने या तहसील से  नही हटाया गया है, ना ही गृह जनपद में तैनात और सम्बध्द उपनिरीक्षकों,निरीक्षकों को स्थानांतरित किया गया।

उत्तरकाशी, चमोली,पिथौरागढ, चम्पावत,अल्मोडा,बागेश्वर, रुद्रप्रयाग, टिहरी,हरिद्वार आदि जनपदों  में गृह जनपद में तैनात पुलिस कर्मचारियों के कारनामे और अपराधिक घटनाओं के किस्से सुर्खियों में आते रहे है ।

अब उप-निरीक्षकों और निरीक्षकों की तैनाती उनके गृह जनपद में करने से पुलिस के नीत नये बङे कारनामे सामने आ सकते है।

पुलिस,अभिसूचना और अन्य विभागों के रसुखदार उप निरीक्षक और निरीक्षकों को हटाने की बजाय इस रैक के और लोगों को उनके गृह जनपदों में तैनाती से पुलिस में हलचल मची है।

इन तैनातीयों पर सवाल भी उठ रहे है कि, आखिर वर्षों से गृह जनपदों में जमे लोगों को हटाने के स्थान पर स्थानांतरण नियमावली को दरकिनार कर चहेतों पर यह कृपा क्यों और किसके इशारे पर की जा रही है।

सूत्रों से पता लगा हैं कि, स्थानांतरण पर लगी रोक हटे इससे पहले अपने चहेतों को गुपचुप तरीके से एडजस्ट कर मनचाही जगह पर अटैच और पोस्टिंग करने का खेल सोच समझ कर किया जा रहा है ।

इन स्थानांतरणों से वर्षों से मनचाहे स्थानांतरण की उम्मीद लगाए बिना पहुँच वाले कर्मचारियों में निराशा है।  आगामी विधान सभा चुनाव में गृह जनपद में तैनात ये दरोगा इन्सपैक्टर कितने निष्पक्ष तौर पर कार्य करेंगे यह देखने की बात रहेगी ।

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