डबल इंजन का दम: उत्तराखंड में विकास को मिली तेज रफ्तार। दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेस-वे विकास का नया कॉरिडोर

देहरादून, 14 अप्रैल 2026 | रिपोर्ट – नीरज उत्तराखंडी

केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से उत्तराखंड में विकास कार्यों ने बीते चार वर्षों में अभूतपूर्व गति पकड़ी है।

प्रधानमंत्री Narendra Modi के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के नेतृत्व में “डबल इंजन सरकार” की अवधारणा धरातल पर उतरती दिख रही है।

वर्तमान में राज्य में दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं पर कार्य जारी है।

कनेक्टिविटी में बड़ा विस्तार

राज्य में सड़क, रेल और हवाई संपर्क को मजबूत करने के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। चारधाम यात्रा को सुगम बनाने के लिए ऑल वेदर रोड परियोजना प्रगति पर है, वहीं दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेस-वे के शुरू होने से प्रदेश की कनेक्टिविटी को नया आयाम मिला है।
ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना अंतिम चरण में है, जबकि टनकपुर–बागेश्वर रेल लाइन को भी स्वीकृति मिल चुकी है। इसके साथ ही 11 रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है।

एयर कनेक्टिविटी को मिली उड़ान

उड़ान योजना के तहत राज्य में हवाई सेवाओं का विस्तार हुआ है। जॉलीग्रांट, पंतनगर और पिथौरागढ़ एयरपोर्ट का विस्तार किया गया है।

18 हेलीपोर्ट्स में से 12 पर सेवाएं शुरू हो चुकी हैं, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में आवागमन आसान हुआ है।

रोपवे और पर्यटन को बढ़ावा

पर्वतमाला परियोजना के तहत कई रोपवे परियोजनाएं प्रस्तावित हैं, जिनमें हरिद्वार से चंडी देवी, ऋषिकेश से नीलकंठ और औली से गौरसों प्रमुख हैं।
धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम का पुनर्विकास कार्य जारी है, वहीं मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत कुमाऊं क्षेत्र में मंदिरों का विकास किया जा रहा है।

अन्य प्रमुख योजनाएं

जमरानी, सौंग और लखवाड़ बांध परियोजनाओं पर काम जारी है। किच्छा में एम्स सैटेलाइट सेंटर और ऋषिकेश एम्स में देश की पहली हेलीकॉप्टर एंबुलेंस सेवा शुरू की गई है।
राज्य में 226 स्कूलों को पीएम श्री विद्यालय के रूप में विकसित किया जा रहा है और उधम सिंह नगर में स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप बनाई जा रही है।

दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेस-वे-विकास का नया कॉरिडोर

213 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को जोड़ता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर है, जो एशिया का सबसे लंबा कॉरिडोर माना जा रहा है।
इससे वन्यजीवों की आवाजाही सुरक्षित हुई है और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिला है। परियोजना से 19 प्रतिशत ईंधन बचत और कार्बन उत्सर्जन में कमी का अनुमान है।

प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत, 12 किमी लंबा रोड शो

प्रधानमंत्री Narendra Modi दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के लोकार्पण के अवसर पर देहरादून पहुंचे, जहां उनका ऐतिहासिक स्वागत किया गया।
उन्होंने Dat Kali Temple में पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम की शुरुआत की।

इसके बाद देहरादून में लगभग 12 किलोमीटर लंबा रोड शो आयोजित हुआ, जिसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए।

“भारत माता की जय” के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। प्रधानमंत्री ने हाथ हिलाकर जनता का अभिवादन स्वीकार किया और लोगों के अपार स्नेह के लिए आभार जताया।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि “देवभूमि उत्तराखंड से उन्हें विशेष ऊर्जा मिलती है।” उन्होंने रोड शो में भारी भीड़ के कारण सभा स्थल पहुंचने में हुई देरी के लिए लोगों से क्षमा भी मांगी।

स्थानीय संस्कृति से जोड़ा कनेक्शन

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में गढ़वाली और कुमाऊंनी शब्दों का प्रयोग कर स्थानीय लोगों से जुड़ाव दिखाया। उन्होंने पंच बदरी, पंच केदार, नंदा राजजात और हरिद्वार कुंभ का उल्लेख करते हुए उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को रेखांकित किया।
इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami को लोकप्रिय, कर्मठ और युवा नेता बताया।

जनसैलाब और उत्साह

पूरे कार्यक्रम में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी और 12 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनाकर प्रधानमंत्री का स्वागत किया गया। यह आयोजन न केवल विकास परियोजनाओं की झलक बना, बल्कि जनता और नेतृत्व के बीच मजबूत जुड़ाव का भी प्रतीक साबित हुआ।

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