Dehradun News: दून में फर्जी दस्तावेजों के सहारे रह रहीं 3 विदेशी महिलाएं गिरफ्तार

देहरादून: देहरादून में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन क्रैकडाउन’ के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। रायपुर थाना पुलिस ने फर्जी भारतीय दस्तावेजों के आधार पर अवैध रूप से रह रही तीन विदेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया है। इनमें एक किर्गिस्तान और दो उज्बेकिस्तान की नागरिक हैं। पुलिस के अनुसार, इन महिलाओं में से एक […]

देहरादून: देहरादून में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन क्रैकडाउन’ के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। रायपुर थाना पुलिस ने फर्जी भारतीय दस्तावेजों के आधार पर अवैध रूप से रह रही तीन विदेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया है। इनमें एक किर्गिस्तान और दो उज्बेकिस्तान की नागरिक हैं।

पुलिस के अनुसार, इन महिलाओं में से एक वैध वीजा पर भारत आई थी, लेकिन वीजा समाप्त होने के बाद भी देश नहीं लौटी और अवैध रूप से यहीं रहने लगी।

वहीं, अन्य दो महिलाएं नेपाल के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल हुई थीं।

फ्लैट में संदिग्ध हालत में रह रही थीं तीनों महिलाएं

रायपुर क्षेत्र में सत्यापन अभियान के दौरान पुलिस को एक अपार्टमेंट के तीसरे फ्लोर पर स्थित फ्लैट में तीन विदेशी महिलाएं संदिग्ध परिस्थितियों में रह रही मिलीं। जब उनसे वैध दस्तावेज मांगे गए, तो वे कोई भी सही कागजात प्रस्तुत नहीं कर सकीं।

इसके बाद पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उनके अवैध रूप से भारत में रहने का खुलासा हुआ।

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तलाशी में मिले फर्जी भारतीय दस्तावेज

पूछताछ में महिलाओं ने अपनी पहचान इस प्रकार बताई—

  • ईरीका (29 वर्ष) – निवासी किर्गिस्तान
  • करीना (30 वर्ष) – निवासी उज्बेकिस्तान
  • निगोरा (32 वर्ष) – निवासी उज्बेकिस्तान

तलाशी के दौरान पुलिस को इनके पास से कई फर्जी और संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए, जिनमें पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक, मोबाइल फोन और विदेशी मुद्रा शामिल हैं।

पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी

जांच में सामने आया कि आरोपी निगोरा को पहले बिहार पुलिस द्वारा फर्जी दस्तावेजों के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। जमानत मिलने के बाद भी वह अपने देश वापस नहीं लौटी और दोबारा अवैध रूप से भारत में रहने लगी।

पुलिस के मुताबिक, तीनों महिलाओं की मुलाकात दिल्ली में हुई थी। यहीं पर उन्होंने अपने परिचितों की मदद से फर्जी भारतीय दस्तावेज तैयार कराए और अलग-अलग स्थानों पर रहना शुरू किया।

6-7 महीने से देहरादून में थीं सक्रिय

पूछताछ में यह भी सामने आया कि तीनों महिलाएं पिछले 6-7 महीनों से देहरादून के अलग-अलग इलाकों में रह रही थीं।

पुलिस को उनके नेटवर्क और फर्जी दस्तावेज बनाने वालों की जानकारी भी मिली है, जिनके खिलाफ आगे कार्रवाई की जा रही है।

तीनों आरोपियों के खिलाफ Immigration And Foreigners Act 2025 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

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प्रदेशभर में चल रहा सत्यापन अभियान

गौरतलब है कि उत्तराखंड में संदिग्ध और बाहरी व्यक्तियों की पहचान के लिए ‘ऑपरेशन क्रैकडाउन’ के तहत व्यापक सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है।

सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सघन जांच के निर्देश दिए गए हैं, जिसके तहत यह कार्रवाई की गई है।

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