ग्राफिक एरा अस्पताल का कीर्तिमान: बिना ब्रेन खोले कुशिंग डिजीज के दो जटिल मामलों का सफल इलाज

देहरादून, 23 अगस्त। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित ग्राफिक एरा अस्पताल ने एक और बड़ा मेडिकल माइलस्टोन हासिल किया है। अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने हार्मोनल कुशिंग डिजीज (Cushing’s Disease) से पीड़ित दो मरीजों का बिना ब्रेन खोले एंडोस्कोपिक ट्रांस-नेजल न्यूरो-नेवीगेशनल तकनीक से सफल इलाज कर एक नया कीर्तिमान रच दिया है। पहला मामला: 27 […]

देहरादून, 23 अगस्त। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित ग्राफिक एरा अस्पताल ने एक और बड़ा मेडिकल माइलस्टोन हासिल किया है। अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने हार्मोनल कुशिंग डिजीज (Cushing’s Disease) से पीड़ित दो मरीजों का बिना ब्रेन खोले एंडोस्कोपिक ट्रांस-नेजल न्यूरो-नेवीगेशनल तकनीक से सफल इलाज कर एक नया कीर्तिमान रच दिया है।

पहला मामला: 27 वर्षीय महिला को मिला नया जीवन

27 वर्षीय महिला लंबे समय से वजन बढ़ने, चेहरे पर सूजन, मासिक धर्म की अनियमितता, हाई ब्लड प्रेशर और किडनी स्टोन जैसी समस्याओं से जूझ रही थी।
जांच में पता चला कि वह ACTH डिपेंडेंट कुशिंग सिंड्रोम – पिट्यूटरी माइक्रोएडेनोमा से पीड़ित है।
3 टेस्ला डायनेमिक पिट्यूटरी MRI में 6 मिमी का ट्यूमर मिला।

ग्राफिक एरा अस्पताल के न्यूरो-सर्जन ने एंडोस्कोपिक ट्रांस-नेजल तकनीक से बिना ब्रेन खोले सफल सर्जरी की। नतीजतन, मरीज का वजन कम हुआ, ब्लड प्रेशर सामान्य हुआ, मासिक धर्म नियमित हुआ और सभी हार्मोन संतुलित हो गए।

दूसरा मामला: 24 वर्षीय युवती की जिंदगी बची

दूसरी मरीज, 24 वर्षीय युवती, 200/100 ब्लड प्रेशर, सिर दर्द, वजन बढ़ने और अनियमित मासिक धर्म की समस्या लेकर अस्पताल आई।
MRI में 7 से 9 मिमी का पिट्यूटरी ट्यूमर असामान्य स्थान पर मिला, जिससे हड्डी पर भी असर पड़ रहा था। दवाओं के बावजूद ब्लड प्रेशर कंट्रोल नहीं हो रहा था और हृदय पर भी बुरा प्रभाव पड़ा था।

ग्राफिक एरा की मल्टी-स्पेशलिटी टीम ने इसी उन्नत तकनीक से सफल ऑपरेशन किया। सर्जरी के बाद मरीज का ब्लड प्रेशर सामान्य हो गया और बाकी सभी दिक्कतें भी खत्म हो गईं।

विशेषज्ञों की टीम और तकनीक

दोनों मामलों में पिट्यूटरी माइक्रोएडेनोमा पाया गया। डॉक्टरों ने मरीजों की सर्जरी नाक के रास्ते माइक्रोस्कोप और एंडोस्कोपी की मदद से की।
न्यूरो-नेविगेशन तकनीक ने ट्यूमर को सटीक रूप से ढूंढने और पिट्यूटरी ग्रंथि को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाई।

इस टीम में शामिल रहे:

  • डॉ. पार्था पी. बिष्णु (हेड, न्यूरोसाइंस एवं न्यूरोसर्जरी)
  • डॉ. अंकुर कपूर (सीनियर कंसल्टेंट)
  • डॉ. पायोज़ पांडे (सीनियर न्यूरोसर्जन एवं न्यूरो इंटरवेंशन स्पेशलिस्ट)
  • डॉ. पवेंद्र सिंह (ENT सीनियर कंसल्टेंट)
  • डॉ. सुनील कुमार मिश्रा (डायरेक्टर, एंडोक्रिनलॉजी विभाग)
  • न्यूरो-एनेस्थीसिया टीम

पहले भी रच चुके कई कीर्तिमान

ग्राफिक एरा अस्पताल इससे पहले भी कई उपलब्धियां हासिल कर चुका है, जैसे:

  • ब्रेन में पेसमेकर लगाना
  • छोटे बच्चों को तीसरा पेसमेकर लगाना
  • बिना ऑपरेशन हार्ट के दो वाल्व एक साथ बदलना
  • बिना ऑपरेशन अवरुद्ध आहार नली खोलना
  • हड्डी काटे बिना मात्र ढाई इंच चिरे से ओपन हार्ट सर्जरी करना

प्रेस वार्ता में ग्राफिक एरा अस्पताल के निदेशक डा. पुनीत त्यागी, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गुरदीप सिंह झीते, डीन डॉ. एस.एल. जेठानी और सीओओ अतुल बहल भी मौजूद रहे।

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