सावधान: कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती! Instagram ने हटाए 1.35 लाख अकाउंट!

Instagram account deletion news: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram ने हाल ही में 1.35 लाख से ज्यादा अकाउंट्स को डिलीट कर दिया है। मेटा (Meta), जो इंस्टाग्राम की पेरेंट कंपनी है, के अनुसार ये सभी अकाउंट्स बच्चों को निशाना बना रहे थे और उनमें से कई आपत्तिजनक कमेंट्स कर रहे थे या यौन सामग्री की मांग […]

Instagram account deletion news: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram ने हाल ही में 1.35 लाख से ज्यादा अकाउंट्स को डिलीट कर दिया है। मेटा (Meta), जो इंस्टाग्राम की पेरेंट कंपनी है, के अनुसार ये सभी अकाउंट्स बच्चों को निशाना बना रहे थे और उनमें से कई आपत्तिजनक कमेंट्स कर रहे थे या यौन सामग्री की मांग कर रहे थे — और खास बात यह है कि ये गतिविधियाँ ऐसे बच्चों के अकाउंट्स से की जा रही थीं जिन्हें वयस्क ऑपरेट कर रहे थे

मेटा का अब तक का सबसे बड़ा सफाई अभियान

मेटा ने न सिर्फ इंस्टाग्राम बल्कि फेसबुक पर भी 5 लाख से अधिक अकाउंट्स को हटाया है, जो इन्हीं संदिग्ध नेटवर्क्स से जुड़े हुए थे। इसे सोशल मीडिया इतिहास का सबसे बड़ा “क्लीन-अप ऑपरेशन” माना जा रहा है।

यह कदम तब उठाया गया है जब दुनियाभर, खासकर अमेरिका में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर बढ़ा दबाव

हाल के महीनों में अमेरिकी सीनेटरों और चाइल्ड सेफ्टी एक्टिविस्ट्स ने मेटा और अन्य सोशल प्लेटफॉर्म्स पर कड़ा रुख अपनाया है। उनका आरोप है कि इंस्टाग्राम जैसे ऐप्स बच्चों को साइबरबुलिंग, ग्रोमिंग, और अवास्तविक सौंदर्य मानकों की ओर धकेल रहे हैं, जिससे उनका मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है।

मेटा की नई सुरक्षा पहल

मेटा अब एक नई डिफ़ॉल्ट सुरक्षा सेटिंग रोल आउट कर रहा है, जो विशेष रूप से किशोरों और बच्चों द्वारा चलाए जा रहे अकाउंट्स पर लागू होगी।
इसमें शामिल हैं:

  • अनजान लोगों से आने वाले मैसेजेस पर प्रतिबंध
  • आपत्तिजनक और अश्लील मैसेज अपने आप ब्लॉक
  • फॉलो रिक्वेस्ट की सीमा तय

यह फीचर बच्चों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अधिक सुरक्षित अनुभव देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

KOSA बिल से पहले की तैयारी?

Kids Online Safety Act (KOSA) नामक एक बिल अमेरिका में प्रस्तावित है, जो सोशल मीडिया कंपनियों के लिए बच्चों की सुरक्षा को कानूनी रूप से अनिवार्य बनाएगा। यह बिल सीनेट से तो पास हो चुका है लेकिन हाउस से पास होना अभी बाकी है। माना जा रहा है कि मेटा द्वारा उठाए गए ये कदम उसी बिल की संभावित कानूनी बाध्यताओं को पहले से लागू करने की तैयारी हैं।

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