कौसानी के राजकीय इंटर कॉलेज कौसानी से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां विद्यालय परिसर में कथित रूप से अंधविश्वास के नाम पर ‘भूत मंदिर’ बनाए जाने का आरोप लगा है, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
छात्रों से जुटाए गए पैसे, मंदिर निर्माण का आरोप
जानकारी के अनुसार, कक्षा 6 से 12 तक पढ़ने वाले करीब 218 छात्रों से 100-100 रुपये लेकर लगभग 21,800 रुपये जमा किए गए। आरोप है कि इस धनराशि से जनवरी 2026 में स्कूल परिसर में मंदिर का निर्माण कराया गया और पूजा-अर्चना भी कराई गई।
अंधविश्वास की जड़ में पुरानी घटना
बताया जा रहा है कि करीब 15 साल पहले स्कूल के पास एक महिला की दुर्घटनावश मौत हो गई थी। इसके बाद क्षेत्र में उसकी आत्मा के भटकने की अफवाह फैल गई। इसी के चलते कई बार छात्राओं के बेहोश होने की घटनाएं भी सामने आईं।
उस समय स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छात्राओं की काउंसलिंग भी कराई थी, लेकिन स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी। इसके बाद अंधविश्वास ने और जोर पकड़ लिया।
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स्कूल प्रशासन और PTA का पक्ष
विद्यालय के प्रधानाचार्य ताजबर सिंह का कहना है कि मंदिर निर्माण और सफाई के लिए धनराशि पीटीए बैठक में अभिभावकों की सहमति से ली गई थी।
वहीं पीटीए अध्यक्ष चंदन सिंह भंडारी ने कहा कि बच्चों में डर का माहौल था, इसलिए अभिभावकों और शिक्षकों के सहयोग से मंदिर का निर्माण कराया गया।
शिक्षा विभाग सख्त, जांच के आदेश
मुख्य शिक्षाधिकारी विनय कुमार ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि स्कूल परिसर में इस तरह का निर्माण अंधविश्वास को बढ़ावा देता है। उन्होंने जांच के आदेश देते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है।
इस पूरे मामले ने स्कूलों में वैज्ञानिक सोच और शिक्षा के माहौल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है।




