सूखा और ओलावृष्टि से तबाही: यमुना घाटी के किसानों ने प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा को सौंपा ज्ञापन

रिपोर्ट -नीरज उत्तराखंडी
यमुना घाटी क्षेत्र में लंबे समय से पड़े भीषण सूखे और हाल ही में हुई अचानक अति ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में खड़ी फसलें और बाग-बगीचों में लगे फलदार पेड़—सेब, नाशपाती, आड़ू व पुलम—पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं। इस प्राकृतिक आपदा ने क्षेत्र के किसानों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा कर दिया है।

किसानों का कहना है कि वर्षभर की मेहनत, बीज, खाद और सिंचाई पर किया गया भारी खर्च एक झटके में बर्बाद हो गया है। इस नुकसान से अन्नदाता गहरी चिंता और हताशा में डूबा हुआ है।

इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रभारी मंत्री उत्तरकाशी सौरभ बहुगुणा के यमुना घाटी आगमन के दौरान किसानों व जनप्रतिनिधियों ने उन्हें एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सूखा और ओलावृष्टि से हुई भारी क्षति की जानकारी देते हुए प्रभावित किसानों को शीघ्र राहत प्रदान करने की मांग की गई। साथ ही फसलों के नुकसान का त्वरित सर्वे कर वास्तविक क्षति के आधार पर उचित और न्यायसंगत मुआवजा देने का अनुरोध किया गया।

मंत्री ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि प्रभावित किसानों को समय पर राहत पहुंचाई जा सके।

स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई है कि सरकार इस आपदा की घड़ी में यमुना घाटी के किसानों के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी और उन्हें इस संकट से उबारने के लिए ठोस कदम उठाएगी।

“किसान सशक्त होगा, तभी प्रदेश समृद्ध होगा।”

📢 खबरों को सबसे पहले पाने के लिए पर्वतजन को फॉलो करें

👉 WhatsApp Channel Join करें 👉 WhatsApp Group Join करें 📲 App Download करें

Related Posts