…तो महज जुमला था, दस साल तक टैक्स न लगाने का वादा

अर्जुन गुनियाल

लगभग 6 साल पहले मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद उत्तराखण्ड विधानसभा के चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों को जिताने के लिए डबल इंजन का नारा दिया गया।

जनता ने नारे का सम्मान करते हुए 70 में से 57 विधायक भाजपा के जिता दिए। वो 10 विधायक भी जीत गए जो चन्द दिनों पहले ही कांग्रेस से बगावत कर भाजपा में आये।

भाजपा के पुराने टिकट के दावोदारों का टिकट काट के कांग्रेस से आये सज्जनो को दे दिया गया भाजपा के दावेदारों ने चुनाव में कोई बगावत नही की।

और उत्तराखण्ड में भाजपा की सरकार बन गई। सर्वसम्मति से डोईवाला विधायक श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जी मुख्यमंत्री बने डोईवाला विधान सभा मे खुशी की लहर दौड़ गई।

गत एक वर्ष बाद ही नगर निगम देहरादून की विस्तार की बात जनता के सामने आई जनता ने विरोध किया और जनता के विरोध के बाद भी सरकार ने स्थानीय निकायों के चुनाव में देहरादून के आसपास के गांव सम्मलित कर लिए गए यह कह कर कि जनता पर किसी भी प्रकार का टैक्स नही लगाया जाएगा।

माननीय मुख्यमंत्री जी ने रायपुर ब्लॉक में  योजनाओं का शिलान्यास करते हुए जनता को सम्बोधित करते हुए जोर देकर ये घोषणा की कि 10 साल तक नगर निगम में शामिल नए क्षेत्र पर किसी भी प्रकार का टैक्स नही लगाया जाएगा। भोलीभाली जनता ने मुख्यमंत्री जी पर विश्वास करते हुए तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया।

मेयर के चुनाव में नया नारा दिया गया कि ट्रिपल इंजन की सरकार बनाते हुए मेयर को भारी मतों से विजय बनाये ।

और दूसरी तरफ पार्षदों ने क्षेत्र के विकास अपनी जीत के लिये चार इंजन की सरकार बनाने का नारा दिया।

मतदाताओं ने नगरनिगम क्षेत्र में सम्मलित न होने की मांग को ठुकराते हुए 10 साल की टैक्स छूट के साथ भाजपा के पक्ष में भारी मतों से वोट देकर विजय बनाया।

आज स्थिति ये आ गई है कि मुख्यमंत्री जी 10 साल टैक्स की छूट को भूल गए और क्षेत्र के वो नेता जो हमेशा मुख्यमंत्री जी के साथ मंच पर विराजमान रहा करते थे अपनी हर बैठक में ट्रिपल सरकार की बात करते थे।

जनता उनसे ये पूछना चाहती है कि प्रदेश के कार्य के दवाब में  माननीय मुख्यमंत्री जी  10 साल टेक्स में छूट की बात भूल सकते है। उन नेताओं का कर्तव्य बनता था कि वो C M जी को याद कराते।

जनता ने उन सब छुटभैये नेताओं को अच्छी तरह से अपने दिल दिमाग मे बैठा लिया है कि कभी आप किसी मंच से कोई घोषणा करेंगे तो कोई विश्वास नही करेंगे।

इस कड़ी में सबसे पहले पार्षद आएंगे क्योंकि जिस सदन के वह सदस्य हैं, उस सदन द्वारा ही टैक्स लगाया जा रहा है। अग्रिम चुनाव में इनकी कैसी स्तिथि रहेगी ये तो जनता अग्रिम चुनाव में ही तय करेगी।

उसके बाद ट्रिपल इंजन  व डबल इंजनों को भी चुनाव में बड़ी कठिनाइयों का सामना कर पड़ सकता है।

मुख्यमंत्री से भाजपा के कार्यकर्ता, मतदाताओं ने भी अपील की है कि जनता से किये वादे को निभाते हुए गरीब जनता पर 10 साल तक नगर निगम में सम्मलित नए पार्षद क्षेत्रों को टैक्स मुक्त करने की कृपा करें।

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