बदहाल स्वास्थ्य सुविधाएं: न अस्पताल भवन,न डॉक्टर,न फार्मासिस्ट!वार्ड बॉय के भरोसे चल रहा अस्पताल

रिपोर्ट।नीरज उत्तराखंडी  मोरी ब्लाक के आराकोट बंगाण क्षेत्र की जनता के स्वास्थ्य का जिम्मा संभाले एलोपैथिक चिकित्सालय टिकोची वार्ड बॉय के भरोसे छोड़ दिया गया है। यहां कार्यरत डॉक्टर व फार्मेसिस्ट को उसकी सुविधा के अनुसार अन्यत्र अटैच किया गया है। बताते चलें कि, आराकोट में आई भीषण आपदा के दौरान टिकोची का एलोपैथिक चिकित्सालय […]

रिपोर्ट।नीरज उत्तराखंडी 

मोरी ब्लाक के आराकोट बंगाण क्षेत्र की जनता के स्वास्थ्य का जिम्मा संभाले एलोपैथिक चिकित्सालय टिकोची वार्ड बॉय के भरोसे छोड़ दिया गया है। यहां कार्यरत डॉक्टर व फार्मेसिस्ट को उसकी सुविधा के अनुसार अन्यत्र अटैच किया गया है।

बताते चलें कि, आराकोट में आई भीषण आपदा के दौरान टिकोची का एलोपैथिक चिकित्सालय का भवन बाढ़ की भेंट चढ़ गया था। उसके बाद अस्पताल किराये के भवन में संचालित किया जा रहा है।

 आलम यह है कि, न तो विगत एक वर्ष से अस्पताल का किराया भवन स्वामी को मिला है|  और न ही विभाग का नया भवन ही बन पाया है।  

वर्तमान समय में अस्पताल क्षेत्र की जनता के लिए सफेद हाथी साबित हो रहा है । सामाजिक कार्यकर्ता मनमोहन सिंह चौहान का कहना है कि, यहां तैनात डॉक्टर  और फार्मासिस्ट को सुविधा जनक स्थल पर अटैच किया गया है।अस्पताल  एक वार्ड बॉय के भरोसे छोड़ दिया गया है।

उन्होंने इस संबंध में उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज कर अस्पताल में डॉक्टर व फार्मासिस्ट की संबद्धता समाप्त कर मूल अस्पताल में तैनाती करने व विभाग का नया भवन बनाये जाने की मांग की है। 

ज्ञापन में कहा गया है कि, एलोपैथिक चिकित्सालय एक वार्ड बॉय के भरोसे चल रहा है। यहां तैनात डाक्टर व फार्मासिस्ट को सुविधाजनक स्थल पर अन्यत्र अटैच किया गया है, जिसके चलते मरीजों को प्राथमिक उपचार भी सुलभ नहीं हो पा रहा है। 

वही आपदा की भेट चढा चिकित्सालय के भवन का निर्माण न होने से अस्पताल किराये के भवन में संचालित किया जा रहा है|  जिसका भी विभाग द्वारा एक वर्ष से भवन स्वामी को किराया तक नहीं दिया गया है।और भवन स्वामी भवन खाली करने की कई बार चेतावनी दे चुके है।

मुख्यमंत्री को प्रेषित ज्ञापन में अस्पताल में शीघ्र डाक्टर व फार्मासिस्ट को तैनात कर स्वास्थ्य सुविधाएं बहाल करने तथा अस्पताल  भवन निर्माण की मांग की गई है। तथा चेतावनी भी दी गई है यदि इसी तरह  जनता के स्वास्थ्य की अनदेखी की गई तो आंदोलन किया जायेगा।

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